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मातम मनाने आए परिवार पर करंट बनकर दौड़ी मौत, पढ़िए आपबीती

Sat, 05 Dec 2015 05:25 AM IST
Updated Sat, 05 Dec 2015 05:25 AM IST
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How were covered bus crashed into death, lying dead bodies

अपने की मौत पर मिट्टी डालने आया परिवार खुद मिट्टी में मिल गया। मृतक के जनाजे में आए लोगों को शायद यह मालूम नहीं था कि इस्लाम की मौत उनकी भी कब्रगाह बन जाएगी।

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परिजनों के चेहरे पर इस्लाम के जाने का गम जरूर था। लेकिन अब उनकी जिंदगी में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। किसी के भाई और किसी का बेटों का शव देखकर परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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फफकते होटों से शब्द तक नहीं निकल रहे थे। परिजनों ने जब हादसे की व्यथा बयां की तो सुनने वालों की भी आंखें भर आईं। हादसे में झुलसे घायलों ने बताया कि इस्लाम की मौत के चलते बस में मातम पसरा हुआ था। जैसे ही वह ककोड़ में पहुंचे तो बस हाइटेंशन तार से टकरा गई। बस में बैठे लोगों को इसकी जानकारी भी नहीं हो पाई।
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तारों से बस टकराते ही करंट उतर आया

How were covered bus crashed into death, lying dead bodies

तारों से बस टकराते ही करंट उतर आया। तुरंत ही पूरी बस में चीख-पुकार मच गई। जो लोग सीधे लोहे के टच में थे उन्हें करंट ने अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। सीटों पर बैठे लोग कुछ हद तक सुरक्षित रहे।


मरने वालों में इस्लाम के कई रिश्तेदार थे। मृतकों के परिजनों ने बताया कि हम लोग इस्लाम की मौत के बाद मिट्टी डालने आए थे। लेकिन हमें नहीं पता था कि गमों का पहाड़ हम पर टूट पड़ा है।

खुदा ने हम पर गमों का पहाड़ तोड़ा है। परिवार पूरी तरह से टूट गया है।

कई लोग गली में जाकर गिरे और कई चिपके ही रह गए।

How were covered bus crashed into death, lying dead bodies

बस में मौत से जकड़े लोगों ने जान बचाने के लिए बस से नीचे छलांग लगी दी। जिस समय वस में करंट दौड़ा तब सभी लोग इस्लाम के बारे में बातें करने में मशगूल थे। बस में मौजूद लोगों के रिश्तेदार गुफरान और कय्यूम का कहना था कि पहले लगा कि बस में भूकंप आ गया।


उसके बाद लगा कि बस उपर से कहीं टकरा गई। लेकिन जब पूरे शरीर में करंट सा दौड़ने लगा तब ज्यादातर लोग शोर मचाने लगे कि कूदो बिजली उतर गई है।

इतना सुनते ही खिड़की के पास खड़े लोग और शीशे की तरफ बैठे लोगों ने छलाग लगा दी। कई लोग गली में जाकर गिरे और कई कूद ही नहीं सके। वह चिपके रह गए। भगदड़ में दो दर्जन से अधिक लोग झुलस गए और जख्मी हो गए।

फाल्ट ने बचा ली कई जान

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जिस समय बस में करंट उतरा उसके कुछ ही देर बाद लाइन में फाल्ट हो गया और करंट बंद हो गया। जिससे राहत यह हुई कि जो तार छूते ही शुरूआती दौर में ज्यादा झुलसे वह ही मौत के आगोश में आ गए बाकी कम ही झुलस पाए।

मौका ए वारदात पर मौजूद लोगों का कहना है कि शुरू में कुछ लोग मदद के लिए पहुंचे जरूर लेकिन करंट होने के खौफ से झुलसे लोगों को निकालने से बचते रहे।

बाद में यह कंफर्म होने पर की करंट नहीं है तब जाकर लोग मदद में जुटे जिसके बाद उन्होंने झुलसे लोगों को बाहर निकाला और वाहनों से अस्पताल भिजवाया।

इस्लाम के घर टूटा दुखा को बड़ा पहाड़, मची भगदड

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हादसे की जानकारी जैसे की ककोड़ में मरे इस्लाम के घर पहुंची तो वहां गम जताने आए रिश्तेदारों को इस मनहूस खबर ने और विचलित कर दिया।

सभी लोग जनाजे के पास से मौका ए वारदात की तरफ भागे। भागते लोगों का कहना था कि एक के गम को सहन नहीं कर पा रहे थे अब बाकी के दुख को कैसे सहन करेंगे।

मृतक के परिजनों ने बताया कि रिजवान और दिलशाद दोनों मौसेरे भाई बड़े ही हंसमुख थे। वे कभी भी आपस में झगड़ते नहीं थे। एक-दूसरे का हमेशा साथ देते थे। दोनों अपने मां-बाप के आंख के तारे थे। दो जवान बेटों की मौत के बाद परिवार ही नहीं पूरे रबूपुरा में गम का माहौल है।

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