फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   How pm modi saved lives of farmers

मोदी के एक नारे ने बचाई थी कई किसानों की जान!

Fri, 24 Apr 2015 04:17 PM IST
Updated Fri, 24 Apr 2015 04:17 PM IST
विज्ञापन
How pm modi saved lives of farmers

हिंदी फिल्म पीपली लाइव तो आपने देखी ही होगे जिसमें नत्था के मरने की खबर पर रोटियों सेंकने की कोशिश इलाके के नेता से लेकर सीएम ऑफिस तक को करते दिखाया गया था।

विज्ञापन


कुछ-कुछ वैसा ही मंजर फिलहाल गजेंद्र की मौत पर दिखाई दे रहा है। बुधवार दोपहर गजेंद्र की मौत के बाद से हर पार्टी के नेता इस तरह बयानबाजी कर रहे हैं जैसे अब उनका बयान ही इस समस्या की ताबूत में आखिरी कील ठोकेगा।
विज्ञापन


भाजपा की नेत्री मीनाक्षी लेखी ने भावुक हो कर कहा कि या तो यह संवेदनहीनता का प्रतीक है या फिर कोई गहरी साजिश है।  उन्होंने बुधवार को आप की रैली में किसान के पेड़ पर चढ़ने की घटना की तुलना प्रधानमंत्री मोदी की एक रैली से करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने लोगों को बचाने की कोशिश की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैसे मोदी जी ने बचाई लोगों की जान?

How pm modi saved lives of farmers

मीनाक्षी ने कहा कि मेरठ में जब किसानों की रैली हुई थी तो बिजली के खंभो पर चढ़ गए थे। मेरठ की उस रैली को मोदी जी संबोधित कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने लोगों को बिजली के खंभो पर चढ़ते देखा तो उनके पहले बोल ने पूरे मंजर को बदल दिया।

मीनाक्षी लेखी ने कहा कि उस वक्त मोदी जी ने लोगों से कहा कि 'आपको चौधरी चरण सिंह की कसम है, आप वापस आइए।'

बीजेपी की दूसरी महिला नेत्री भी इस मामले में पीछे कैसे रहती। तेज तर्रार महिला नेता उमा भारती ने गजेंद्र की आत्महत्या पर टिप्पणी कहते हुए कहा कि हम सब को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।

'कोई तो बचाता मेरे भाई को'

How pm modi saved lives of farmers

उधर आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान प्रधानमंत्री पर हमला करने से क्यों चूकते। उन्होंने भी बयान दे डाला कि सिर्फ रेडियो पर मन की बात करना ही काफी नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए कुछ ठोस करने की जरूरत है।

इस बीच आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि वह गजेंद्र के बच्चों की शिक्षा के लिए हर जरूरी मदद देगी और उनके परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी जाएगी।

इस बीच गजेंद्र के भाई विजेंद्र ने कहा कि मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि नेता हमारे घर तक आए या नहीं। अगर वह सच में उसे बचाना चाहते तो बचा सकते थे। विजेंद्र ने भावुक होते हुए कहा, 'कोई तो बचाता मेरे भाई को।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed