कैसे कार के नीचे फंसी अंजलि: मारुति के इंजीनियर सुलझाएंगे मौत की गुत्थी, एक्सेल में बेल्ट तो नहीं फंसी थी?
दिल्ली पुलिस सूत्रों की मानें तो कार बनाने वाली कंपनी के इंजीनियरों की मदद लेकर यह तय किया जाएगा कि कार में किसी इंसान के फंसने की कहां जगह हो सकती है।
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कंझावला इलाके में मारुति बलेनो कार के नीचे फंसकर अंजलि किस तरह 13 किलोमीटर मीटर तक घिसटती चली गई, पुलिस समेत जांच एजेंसियों के लिए अब भी यह पहेली है। पुलिस, क्राइम टीम के अलावा एफएसएल के विशेषज्ञों ने कार की गहनता से पड़ताल की है। लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि अंजलि कैसे कार में फंसकर इतनी दूर तक घिसटती चली गई।
कोई कार के एक्सेल में अंजलि की बेल्ट फंसने की थ्योरी बता रहा है तो कोई उसका पैर एक्सेल रॉड में फंसने को कारण बता रहा है। अब पुलिस इस स्थिति से निपटने और स्पष्ट करने के लिए मारुति कंपनी के इंजीनियरों की मदद लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने कंपनी को एक पत्र लिख दिया है। इसमें कहा गया कि कार को डिजाइन करने वाले इंजीनियर पुलिस की मदद करें।
दिल्ली पुलिस सूत्रों की मानें तो कार बनाने वाली कंपनी के इंजीनियरों की मदद लेकर यह तय किया जाएगा कि कार में किसी इंसान के फंसने की कहां जगह हो सकती है। इंजीनियरों की टीम यह तय करेगी कि कार के कौन से हिस्से में अंजलि का शरीर फंसा होगा और किन हालात में शव इतनी दूर घिसटता रहा होगा।
आरोपियों की कार का निरीक्षण करेगी टीम
इसके अलावा कार बनाने वाले इंजीनियरों की टीम आरोपियों की मारुति बलेनो कार का भी निरीक्षण करेगी। टीम यह बताएगी कि कार के मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई। यदि ऐेसी संभावनाएं मिली तो पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी। हालांकि फिलहाल पुलिस को कार के मूलरूप से छेड़छाड़ का पता नहीं चला है।
इस बात का भी पता करने का प्रयास किया जाएगा कि कहीं जानबूझकर तो अंजलि को कार से कुचलने का प्रयास नहीं किया गया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि ऐसी संभावनाएं मिली पुलिस आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सकती है।