ये क्या बिना केसर के कैसे बन गया केसर मिल्क
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केसर मिल्क के नाम पर आप दुकानों पर जो दूध पीते हैं, संभव है कि उसमें केसर मौजूद ही न हो। रुपये भी आप उसे केसर मिल्क का ही चुकाते हैं। जिला खाद्य सुरक्षा एवं निरीक्षण विभाग की ओर से सोमवार को जारी की गई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
लखनऊ की लैब में जांच के बाद मिली रिपोर्ट में आधा दर्जन से अधिक खाद्य पदार्थों के नमूने फेल पाए गए हैं। नमूनों पर न तो खाद्य पदार्थ बनाने की तारीख थी, न बैच नंबर और न ही अन्य जरूरी जानकारियां।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसएन सिंह ने बताया कि सेक्टर-12 की एक्स ब्लॉक स्थित अग्रवाल कचौड़ी भंडार से केसर दूध का नमूना लिया गया था। जांच में पाया गया कि दूध में केसर था ही नहीं। सभी पोषक तत्व भी दूध से गायब मिले।
उन्होंने बताया कि सेक्टर-25 ए स्थित एडोब कंपनी की कैफेटेरिया से दही और पनीर स्टैंडर्ड का नमूना लिया गया था। यह कैफेटेरिया सुडेक्सो फूड सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चलाती है।
दही और पनीर का नमूना फेल हो गया है। सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व गायब मिले हैं। इसके अलावा जीआईपी मॉल स्थित बिग सिनेमा से पॉपकॉर्न आर्टीफिशियल फ्लैवर्ड बटर ऑयल का नमूना लिया गया था, जो फेल पाया गया है। सेक्टर- 63 की एक दुकान से गेहूं की भूसी का नमूना लिया गया था, जिसमें सभी मानकों का उल्लंघन पाया गया।