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छोटी-छोटी बातें पड़ रहीं भारी: सिर दर्द से घरेलू महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित, अध्ययन में हुआ यह खुलासा

Wed, 03 Jan 2024 07:15 AM IST
विजय पुंडीर राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 03 Jan 2024 07:15 AM IST
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Housewives are most affected by headaches
headache - फोटो : social media

घर में होने वाली छोटी-छोटी बातें सिर पर भारी पड़ रही हैं। इनके कारण 70 फीसदी महिलाओं के सिर में दर्द रहता है। दर्द रहने की अवधि एक माह में 15 दिन से अधिक मिल रही है। जबकि साल में यह आंकड़ा तीन माह से अधिक का है। 

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इस समस्या को देखते हुए तनाव के प्रकार के सिरदर्द (टीटीएच) का पता लगाने के लिए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर व छात्रों ने एम्स के सहयोग से अध्ययन किया। इस अध्ययन में लेडी हार्डिंग जनरल मेडिसिन विभाग में इलाज करवाने आ रहे मरीजों के आंकड़े जुटाए गए। इनमें लंबे समय तक सिर दर्द की शिकायत करने वाले 40 मरीज के डाटा का विश्लेषण किया गया। 
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इन मरीजों की सामान्य स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक कार्यप्रणाली, शारीरिक दर्द सहित 12 बिंदुओं की जांच की गई। जांच में पता चला कि 55 फीसदी मामलों में सिरदर्द का कारण दैनिक जीवन शैली का तनाव, इसके अलावा 25 फीसदी में घरेलू कलह और 20 फीसदी में रोग कारण पाया गया है। इन समस्याओं को आसानी से सुलझाया जा सकता है। 
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अध्ययन में पाया गया कि 90 फीसदी महिलाएं सिर दर्द का शिकार हैं। इनमें सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या 31 से 43 वर्ष आयु वर्ग की है। इनमें दैनिक जीवनशैली का तनाव सबसे अधिक पाया गया। हालांकि शारीरिक और मानसिक घटक स्कोर के अनुसार महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता पुरुषों की तुलना में काफी बेहतर मिली।

विश्व स्तर पर समस्या 
तनाव के प्रकार का सिरदर्द (टीटीएच) की समस्या पूरे विश्व में है। विश्व स्तर पर मौजूद अध्ययन बताते हैं कि दुनिया भर के सभी आयु समूह में प्राथमिक सिरदर्द विकार सबसे आम है। एशिया व अमेरिका में टीटीएच की व्यापकता दर 20 फीसदी से 30 फीसदी तक है। जबकि यूरोप में यह 80 फीसदी तक बताई जाती है।

क्रोनिक टीटीएच जांच के मानदंड 
सिरदर्द औसतन माह में 15 दिन से ज्यादा या साल में तीन माह से ज्यादा रहा हो 
घंटों से लेकर दिनों तक चलने वाला या लगातार रहने वाला दर्द 
इनमें से कम से कम दो तरीके का इस्तेमाल करना 
सिर दबाना या बांधना, हल्के या मध्यम दर्द की तीव्रता, चलने या सीढ़ियां चढ़ने जैसी नियमित शारीरिक गतिविधियों से सिर दर्द न बढ़ना 

यह दोनों कारण 
फोटोफोबिया, फोनोफोबिया, या हल्की मतली
न तो मध्यम और न ही गंभीर मतली या उल्टी न होना

अध्ययन में शामिल हुए मरीज
कुल मरीज : 40
90% महिलाएं : 10% पुरुष 
उम्र : 18 से 66 साल 
18-33 साल के 11%
31-43 साल के 50%
44-66 साल के 39%
 

इन्होंने किया अध्ययन 

लेडी हार्डिंग मेडिकल
कॉलेज के जनरल मेडिसिन विभाग से प्रियांशी सिंह झाझरिया, डॉ. अनिल गुर्टू, डॉ. रोहन शर्मा, डॉ. एसके झाझरिया के साथ एमबीबीएस के द्वितीय वर्ष छात्र शामिल हैंं। इसमें एसोसिएट अस्पताल के तौर पर एम्स, नई दिल्ली शामिल रहा। 

इन विषयों के आधार पर की गई जांच
सामान्य स्वास्थ्य
मानसिक स्वास्थ्य
शारीरिक कार्यप्रणाली
सामाजिक कामकाज
भूमिका शारीरिक
भूमिका भावनात्मक
शारीरिक दर्द
प्राण
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