हुड्डा साहब आपने कुछ किया ही नहीं, फिर CBI की कार्यवाई से क्यों घबरा रहे हो
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प्रदेश में दस साल भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार रही। प्रदेश को दोनों हाथों से लूटा, किसानों को जमीनों से बेदखल किया। किसानों की जमीन छीनकर बिल्डर्स को महंगे दामों में बेचकर अपने आकाओं को फायदा पहुंचाया।
तब किसी कांग्रेसी ने एक बयान नहीं दिया कि उन्होंने प्रदेश के किसानों को नहीं उजाडा और अब जब सीबीआई का शिकंजा इनके कारनामों पर कसने लगा हैं तो कह रहे हैं कि बदले की भावना से काम किया जा रहा हैं।
ये बातें अभय सिंह चौटाला ने शनिवार को सीबीआई द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ठिकानों पर की गई छापेमारी के सवाल के जबाव में कही। उन्होंने विधानसभा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ इशारा करके कहा था कि इनके दस साल के कार्यकाल में किसानों को उनकी जमीनों से बेदखल किया गया।
150-200 मामलों में पूर्व हरियाणा सरकार दोषी
इनके काले कारनामों की 400 पेज की चार्जशीट पूर्व सरकार में राज्यपाल को इनेलो ने सौंपी थी। जिसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कडी कार्यवाई होनी चाहिए। तब भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा में खडे होकर कहा था कि यदि मैंने ऐसा कोई काम किया हैं तो सरकार को जांच करानी चाहिए।
फिर अब सीबीआई के कसते शिकंजे से हुड्डा और कांग्रेस क्यों घबरा रही हैं। इनेलो द्वारा दी गई 4 सौ पेज की चार्जशीट में करीब 150 से 200 ऐसे मामले हैं, जिसमें पूर्व सरकार दोषी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कानून के दायरे से बाहर निकलकर और अपने आकाओं को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों की जमीनों को हडपा था।
मानेसर जमीन घोटाला तो सिर्फ साढे तीन एकड का हैं। जिससे कांग्रेसी बौखला गए हैं। जब वहां कुछ सीबीआई को मिलेगा ही नहीं तो फिर ये क्यों घबरा रहे हैं। सारे मामलों की जांच सीबीआई या किसी निष्पक्ष एजेंसी को सौंपी जाए तो फिर एक भूपेंद्र सिंह हुड्डा नहीं बल्कि कांग्रेस के अनेक नेता जमीन घोटाले में शामिल मिलेंगे। कांग्रेस को अब एहसास हो गया हैं कि उनके दस साल के काले कारनामे अब सीबीआई की आंख के नीचे आने वाले हैं, इसलिए वे पूरी तरह से घबराए हुए हैं।
सरकार बचा रही कांग्रेस को: धींगडा आयोग की रिपोर्ट से जुडे तमाम दस्तावेज यदि भाजपा सरकार सीबीआई को मुहैया करा देती तो बहुत पहले इन मामलों का खुलासा हो जाता। लेकिन भाजपा की प्रदेश सरकार कहीं न कहीं हुड्डा को बचाने का प्रयास कर रही हैं।
सरकार को पौने दो साल हो गए हैं सत्ता करते हुए, पौने दो साल से सरकार कहां सोई हुई थी। जिसके लिए कहीं न कहीं भाजपा सरकार भी दोषी हैं और इनेलो मांग करती हैं कि केवल मानेसर ही नहीं बल्कि हर मामले की जांच होनी चाहिए।