MCD Integration: गृह मंत्रालय ने ज्ञानेश भारती को आयुक्त और अश्विनी कुमार को विशेष अधिकारी नियुक्त किया, 22 मई को होना है ये बड़ा बदलाव
22 मई से पूरी दिल्ली के लिए एक नगर निगम होगा। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को तीनों निगमों को एक करने की अधिसूचना जारी की थी। दिल्ली नगर निगम संशोधन अधिनियम के अनुसार निगम की पहली बैठक होने तक नगर निकाय के कामकाज को संभालने के लिए केंद्र सरकार ने स्पेशल अधिकारी की नियुक्ति की है।
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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त ज्ञानेश भारती को एकीकृत दिल्ली नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है, जबकि अश्वनी कुमार को विशेष अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की गई है।
अश्वनी कुमार 2017 से करीब साढ़े चार साल पुडुचेरी सरकार के चीफ सेक्रेटरी रहे। उन्हें हाल ही में दिल्ली बुला लिया गया था। वह आईआईटी रुड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और अक्तूबर 1992 से एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम केंद्र शासित राज्य) कैडर में भारतीय प्रशासनिक सेवा प्रदान कर रहे हैं। वह करीब 29 साल आठ महीने से देश के अलग-अलग केंद्र शासित राज्यों में भारतीय प्रशासक की भूमिका निभा रहे हैं।
ज्ञानेश भारती 1998 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें सितंबर 2019 में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम का आयुक्त नियुक्त किया गया था। दिल्ली के तीनों निगमों की आर्थिक स्थिति हमेशा से अच्छी नहीं रही। लेकिन ज्ञानेश भारती के आयुक्त रहते अन्य दोनों निगमों की अपेक्षा दक्षिणी निगम ने बेहतर काम किया है।
दक्षिणी निगम शिक्षा, स्वास्थ्य, पार्किंग की व्यवस्था करने और कई बेहतरीन पार्कों का निर्माण कराने में आगे और खुद से रेवेन्यू जुटाने में अव्वल रहा है। ओखला तेहखंड में पहली इंजीनियर्ड लैंडफिल साइट का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया। डीडीए के तमाम पार्कों को लेकर इन्हें हरा भरा पार्क बनाने का प्रयास किया है।
एक निगम में बड़ी होंगी चुनौतियां
एकीकृत दिल्ली नगर के आयुक्त के रूप में ज्ञानेश भारती के सामने बड़ी चुनौतियां होगी। एकीकरण के बाद दिल्ली नगर निगम की खराब आर्थिक स्थिति तत्काल समाप्त नहीं होगी। ऐसे में इसे सुधारने की बड़ी चुनौती ज्ञानेश भारती को लेनी होगी। इसके अलावा उन पर पूरी दिल्ली में निगम की सोवाओं को सुचारु रूप से पहुंचाने की भी जिम्मेदारी होगी।
वहीं विशेष अधिकारी अश्वनी कुमार पर निगम के चुनाव से पहले 250 वार्डों का परिसीमन कराने और अनुसूचित जाति और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें तय करने की चुनौती होगी। इसके बाद इन्हें निगम का चुनाव संपन्न कराना होगा।