कोरोना वायरसः भारत में सभी ऐतिहासिक इमारतें 31 मार्च तक बंद, लाखों के राजस्व का नुकसान
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कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए, देशभर के सभी 3691 स्मारकों को पर्यटकों के लिए 31 मार्च तक बंद कर दिया है। जिसका असर ऐतिहासिक स्मारकों से आने वाले राजस्व पर पड़ रहा है। इनमें से 143 स्मारकों में टिकट लगते हैं।
दिल्ली के लाल किले, कुतुब मीनार, हुमायूं के मकबरे और आगरा के ताजमहल में फरवरी की तुलना में मार्च में पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है जिससे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में एएसआई द्वारा पर्यटकों की संख्या को लेकर एक सर्वेक्षण किया गया है। जिसमें दिल्ली के लालकिले, कुतुब मीनार, हुमायूं के मकबरे और आगरा के ताज महल पर पर्यटकों की संख्या में बड़ी गिरावट के आंकड़े समाने आए।
तो वहीं एएसआई के मुताबिक टिकट लगने वाले सभी स्मारकों पर ताले लगा दिए गए हैं, जबकि बना टिकट वाले स्मारकों पर पर्यटकों के प्रवेश को रोकने के लिए गार्ड तैनात किए गए हैं।
लाल किला
लाल किले में प्रतिदिन लगभग 10-12 हजार पर्यटक पहुंचते हैं। जबकि कोरोना के चलते फरवरी के पहले सप्ताह में पहुंचे कुल पर्यटकों और मार्च के पहले सप्ताह में पहुंचे कुल पर्यटकों की संख्या में करीब 10 हजार की कमी आई है। इससे पहले पर्यटकों की सख्यां में कभी भी इतनी बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई।
लाल किले में भारतीय नागरिको के लिए 56 रुपये का टिकट लगता है जबकि विदेशी पर्यटको के लिए 870 रुपये का टिकट है। अगर सिर्फ भारतीय पर्यटकों द्वारा आए राजस्व के नुकसान के आंकड़ो का आकलन किया जाए, तो पहले सप्ताह में एएसआई को 5,60,000 रुपये का नुकसान हुआ। अगर विदेशी पर्यटकों को भी इसमें शामिल किया जाए तो नुकसान की राशि और भी ज्यादा बढ़ेगी।
कुतुब मीनार
कुतुब मीनार में पहुंचने वाले देशी और विदेशी पर्यटको की संख्या की गणना की गई, तो यहां भी फरवरी की तुलना में मार्च के पहले सप्ताह में करीब 10 हजार पर्यटक कम आए। कुतुब मीनार में भी प्रतिदिन करीब 10-12 हजार पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि एएसआई ने इस बीच पहुंचे विदेशी पर्यटकों की सटीक जानकारी नहीं दी।
कुतुब मीनार में भारतीयों के लिए 35 रुपये का टिकट है जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट की राशि 550 रुपये है। जिसके हिसाब से फरवरी की तुलना में मार्च के पहले सप्ताह में एएसआई को सिर्फ भारतीय पर्यटकों की कमी से साढ़े तीन लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
हुमायूं का मकबरा
यहां पर प्रतिदिन पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या करीब पांच से सात हजार है। लेकिन फरवरी और मार्च के पहले सप्ताह में यहां पहुंचे भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में करीब छः हजार की गिरावट आई है। यहां भारतीय पर्यटकों के लिए 35 तो वहीं विदेशी पर्यटकों के लिए 550 रुपये का टिकट है। यहां पर आने वाले भारतीय पर्यटकों के आधार पर भी अगर कुल नुकसान का आकलन किया जाए, तो एएसआई को लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
ताजमहल
सबसे अधिक विदेशी पर्यटक ताजमहल का दीदार करने आते हैं। यहां पर प्रतिदिन 20-25 हजार पर्यटक घूमने आते हैं। फरवरी की तुलना में मार्च के पहले सप्ताह में ताज महल देखने के लिए करीब 15 हजार पर्यटकों की सख्यां में कमी आई है। फरवरी में पहले सप्ताह में ताज देखने के लिए एक लाख 10 हजार पर्यटक पहुंचे, जबकि मार्च के पहले सप्ताह में करीब 95 हजार पर्यटक पहुंचे।
ताजमहल का दीदार करने के लिए भारतीय पर्यटकों के लिए 245 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 1250 रुपये का टिकट है। सिर्फ भारतीय पर्यटकों के हिसाब से एएसआई को एक सप्ताह में 36 लाख 75 हजार रुपये का नुकसान हुआ। अगर इन पर्यटकों में आधे भारतीय और आधे विदेशी पर्यटकों के नुकसान को देखा जाए, तो एक सप्ताह में एएसआई को करीब एक करोड़ 12 लाख 12 हजार 500 रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।