खुद की लड़ाई के लिए कोर्ट, जनता में पीछे क्यों?
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आम आदमी पार्टी की सरकार पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र के साथ लड़ाई का मामला उच्च न्यायालय तक ले जाते हैं तो बिजली दाम बढ़ाने के मामले में सरकार पीछे क्यों है?
पार्टी की मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव पूर्ण केजरीवाल को बिजली कंपनियों की बैलेंस शीट में गड़बड़ी दिख रही थी
अब उन्हीं बैलेंस शीट को दिखाकर बिजली कंपनियों ने बिजली अपीलीय प्राधिकरण में बिजली दाम बढ़ाकर एडजस्ट करने और दाम बढ़ाने का आवेदन किया गया है। प्राधिकरण ने आवेदन स्वीकार भी कर लिया है जिससे बिजली के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं।
बिजली कंपनियों ने केजरीवाल को क्या दिया?
मुखर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र से टकराव में दो दिन का विशेष सत्र बुलाने के अलावा हाईकोर्ट तक जाते हैं। वहीं जनता को बिजली के दाम की मार पड़ने वाली है लेकिन सरकार कोर्ट नहीं जा रही है।
अगर दिल्ली में बिजली के दाम बढ़े तो केजरीवाल व उनकी सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि बिजली कंपनियों ने चुनाव में ऐसा क्या दे दिया कि केजरीवाल बिजली कंपनियों पर मेहरबान हो गए?
दूसरी तरफ दिल्ली नगर निगम में लगातार बढ़ते घाटे के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए बताया कि पिछले तीन साल में महंगाई बढ़ी है लेकिन एमसीडी की राजस्व वसूली में 1000 करोड़ रुपये की कमी आई है।
इससे बुजुर्ग, विधवा, विकलांग पेंशन नहीं मिल रही है। यहां तक की सफाई कर्मचारियों का वेतन भी दो महीने से नहीं मिला है।