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जीवन जीने की कला है हिंदू धर्म : तोगडि़या
अमर उजाला, साहिबाबाद
Updated Fri, 07 Nov 2014 12:48 AM IST
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हिंदू कोई पंथ अथवा पूजा पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की शैली है। हिंदू ही एकमात्र धर्म है जिसमें वसुधैव कुटुंबकम सिखाया जाता है। सिर्फ अपना नहीं बल्कि पूरे विश्व का भला सोचा जाता है।
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आज जरूरत है कि हिंदू धर्म की रक्षा की जाए। हम सभी को एकजुट होकर इसकी रक्षा के लिए आगे आना होगा। ये बातें विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण तोगडि़या ने राजेंद्र नगर में आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
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विश्व हिंदू परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रवीण तोगडि़या ने कहा कि आज कुछ विरोधी ताकतें हिंदू धर्म पर प्रहार करने का प्रयत्न कर रही हैं।
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मगर हिंदू वह शाश्वत धर्म है जो सदियों से चला आ रहा है। इसे मिटाया जाना संभव नहीं। अब जरूरत हैं कि युवा आगे आएं और लोगों को भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में जीवन जीने की कला से परिचित कराएं।
इस दौरान उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं को विश्व हिंदू परिषद से जोड़ने का आह्वान किया। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद युवा शक्ति को देखते हुए उन्हाेंने वैशाली महानगर के कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
इस दौरान डॉ. एके राघव, अंकित गिरी, घनश्याम दास, आलोक शर्मा, संजीव शर्मा, पप्पू पहलवान, एसपीएस राघव और अजय सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।