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हिंडन नदी का पानी नहाने लायक भी नहीं
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 17 Dec 2014 11:05 PM IST
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देश की नदियों में प्रदूषण की जांच में जुटे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने उत्तर प्रदेश की हिंडन नदी के पानी को नहाने लायक भी नहीं पाया है। बोर्ड ने यह जानकारी राष्ट्रीय हरित पंचाट (एनजीटी) के प्रमुख स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ को सौंपे हलफनामे में दी है।
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सीपीसीबी ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद में नदी के पानी की जांच की। हलफनामे में बताया कि नदी का पानी पर्यावरण अधिनियम, 1986 के तहत तय नहाने के पानी के मानकों के अनुरूप नहीं है।
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इसके समाधान के लिए बोर्ड ने ठोस अवशिष्ट को नदी किनारे और नदी में न फेंकने की हिदायत दी है। इसके अलावा बोर्ड ने कहा है कि अशोधित कचरा नदी में न फेंका जाए बल्कि नगर पालिका अवशिष्ट प्रबंधन अधिनियम, 2000 के तहत इसकी सही व्यवस्था की जाए।
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इससे पहले पंचाट ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पश्चिमी यूपी की नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी मांगी थी।
पंचाट एक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसके मुताबिक नदी में पड़ने वाले खतरनाक अवशिष्ट से गंगौली, दाहा, संकरोड जैसे गांवों के लोगों में कैंसर हो रहा है।