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हाईकोर्ट ने आईसीएमआर से कहा, मानसिक रूप से बीमार बेघरों की कोविड जांच के लिए स्पष्ट हो निर्देश
Fri, 24 Jul 2020 08:02 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 24 Jul 2020 08:02 PM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को कोविड-19 संबंधित दिशा-निर्देश दिए। कहा कि वह अपने दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट करे कि मानसिक रूप से बीमार बेघरों पर कोरोना जांच के लिए उनके मोबाइल नंबर, सरकारी परिचय पत्र, फोटो और आवासीय प्रमाण पत्र मांगने का दबाव नहीं डाला जाए। यह आदेश पीठ ने इस संबंध में दायर एक याचिका पर दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए कहा कि आईसीएमआर को सर्कुलर अथवा आफिस आदेश के रूप में एक स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए, ताकि मानसिक रूप से बीमार बेघरों की कोविड-19 जांच के संबंध में यह स्पष्ट हो सके कि इन लोगों को जांच के लिए दस्तावेज की कोई बाध्यता नहीं नहीं है।
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पीठ ने कहा कि केवल दो-तीन लाइनों में यह स्पष्ट करने की जरूरत है कि मानसिक रूप से बीमार बेघर लोगों की जांच के लिए मोबाइल नंबर, पते का प्रमाण पत्र और परिचय पत्र की आवश्यकता नहीं है। आईसीएमआर अपनी शक्तियों का इस्तेमाल लोगों के हित में करे। यदि आईसीएमआर इस संबंध में स्पष्टीकरण देगा तो सभी राज्य भी उसे लागू करेंगे। ऐसे लोगों की कोविड-19 जांच के लिए शिविर लगाया जाना चाहिए, जैसा कि दिल्ली में अन्य लोगों के इलाज के लिए किया जा रहा है।
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आईसीएमआर की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने इस संबंध में सरकार से निर्देश लेने के लिए समय की मांग की। इसके बाद पीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 7 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दी।
यह याचिका अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल की ओर से दायर की गई। याचिका में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसिक रूप से बीमार बेघरों की कोरोना जांच के लिए आईसीएमआर को दिशा-निर्देश जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया। याची ने दावा किया कि आईसीएमआर की 19 जून 2020 को जारी गाइडलाइंस कोविड सेंटर पर टेस्ट के लिए आने वाले लोगों के पहचान पत्र जरूरी होने पर जोर देती है, लेकिन ऐसे दस्तावेज इन लोगों के पास होना संभव ही नहीं है, क्योंकि उनकी कोई पहचान ही नहीं है।