फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court takes a tough stance on waterlogging in Mahipalpur; expresses displeasure over the working style of NHAI and DIAL

Delhi NCR News: महिपालपुर जलभराव पर हाईकोर्ट सख्त, एनएचएआई-डायल की कार्यशैली पर जताई नाराजगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 09:25 PM IST
विज्ञापन
बैठकों के बावजूद जमीन पर नहीं उतरे उपाय, मुख्य सचिव को जिम्मेदारी तय करने का निर्देश
विज्ञापन

कहा, एनएचएआई केवल गुड फेथ योजनाओं को प्रस्तुत कर पाया, उन पर कोई काम नहीं किया गया
अगली सुनवाई पर सभी अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर रहना होगा उपस्थित



गौरव बाजपेई
नई दिल्ली। एयरपोर्ट के पास महिपालपुर इलाके में बार-बार होने वाले गंभीर जलभराव और उससे लगने वाले ट्रैफिक जाम के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ सोशल ज्यूरिस्ट की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
अदालत ने कहा कि महिपालपुर क्रॉसिंग और आसपास के इलाकों में जलभराव की तस्वीरें देखकर संबंधित एजेंसियों को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए थी। इसके बावजूद ऐसा प्रतीत होता है कि कोई भी एजेंसी समस्या की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि एयरोसिटी क्षेत्र में विकास कार्यों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर किए गए बदलावों से मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता प्रभावित हुई है। इसके कारण बारिश का पानी नजफगढ़ नाले तक सुचारू रूप से नहीं पहुंच पा रहा।
विज्ञापन

‘गुड फेथ’ में प्रस्ताव, लेकिन काम की प्रगति नहीं
सुनवाई के दौरान बताया गया कि डायल ने स्थायी समाधान के तौर पर एनएच-48 पर शंकर विहार से रेडिसन सर्कल तक करीब 3.5 किलोमीटर लंबा स्टॉर्म वॉटर ड्रेन बनाने का प्रस्ताव दिया था। इसे ‘गुड फेथ’ में किया गया प्रस्ताव बताया गया, लेकिन अदालत ने पाया कि इस दिशा में अब तक ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शॉर्ट-टर्म उपाय भी कागजों तक सीमित
एनएचएआई ने तत्काल राहत के लिए समालखा और महिपालपुर जंक्शन पर पंपिंग स्टेशन स्थापित करने का सुझाव दिया है। वहीं दीर्घकालिक समाधान के तहत महिपालपुर नाले के चोक पॉइंट खत्म करने, द्वारका एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम की दोबारा योजना बनाने, समालखा और नजफगढ़ नाले की नियमित सफाई तथा रेलवे के ड्रेनेज सिस्टम में सुधार जैसे उपाय सुझाए गए हैं। अदालत ने कहा कि कई बैठकों के बावजूद अब तक ज्यादातर कार्रवाई कागजी स्तर पर ही हुई है। जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा और काम पूरा करने की समयसीमा भी तय नहीं की गई। एनएचएआई के वकील की उपस्थिति को लेकर भी अदालत ने नाराजगी जताई।

मुख्य सचिव 15 अक्तूबर तक दो बैठकें बुलाएं
खंडपीठ ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह 15 अक्तूबर तक दो और बैठकें बुलाकर शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म उपायों के साथ प्रत्येक काम के लिए जिम्मेदार एजेंसी तय करें। सभी संबंधित एजेंसियों को समयसीमा के साथ स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्तूबर को होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि तब तक ठोस प्रस्ताव सामने नहीं आया तो सख्त आदेश पारित किए जा सकते हैं। सभी जिम्मेदार अधिकारियों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed