फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court said that raising questions on the paternity of children is cruelty against the wife

Delhi High Court: हाईकोर्ट की टिप्पणी, बच्चों के पितृत्व पर सवाल उठाना पत्नी के खिलाफ क्रूरता

Sat, 27 Apr 2024 07:52 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 27 Apr 2024 07:52 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह के आरोप चरित्र, सम्मान और प्रतिष्ठा पर गंभीर हमला हैं और यह क्रूरता का सबसे खराब रूप है।

विज्ञापन
High Court said that raising questions on the paternity of children is cruelty against the wife
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

उच्च न्यायालय ने कहा कि एक पिता की ओर से बच्चों के पितृत्व से इन्कार करना और पत्नी के खिलाफ विवाहेतर संबंध के निराधार आरोप लगाना मानसिक क्रूरता है। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह के आरोप चरित्र, सम्मान और प्रतिष्ठा पर गंभीर हमला हैं और यह क्रूरता का सबसे खराब रूप है।

विज्ञापन


कोर्ट ने कहा इस तरह के अप्रमाणित दावे, जो मानसिक पीड़ा का कारण बनते हैं। पीठ ने पारिवारिक अदालत द्वारा पति की तलाक की याचिका को खारिज करने को फैसले को बरकरार रखते हुए अपील को खारिज कर दिया।
विज्ञापन


पीठ ने कहा, पारिवारिक न्यायाधीश ने ठीक ही कहा कि विवाहेतर व्यक्ति के साथ अपवित्रता और अशोभनीय परिचय के घृणित आरोप लगाना और विवाहेतर संबंध के आरोप, पति-पत्नी के चरित्र, सम्मान, प्रतिष्ठा, स्थिति के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर हमला है। इस तरह के निंदनीय, पति-पत्नी पर लगाए गए विश्वासघात के निराधार आरोप और यहां तक कि बच्चों को भी नहीं बख्शना, अपमान और क्रूरता का सबसे खराब रूप होगा, जो अपीलकर्ता को तलाक मांगने से वंचित करने के लिए पर्याप्त है। यह एक ऐसा मामला है जहां अपीलकर्ता ने खुद गलती की है और उसे तलाक का लाभ नहीं दिया जा सकता। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पति ने तर्क रखा कि वह सितंबर 2004 में वह महिला से मिला और अगले साल शादी कर ली। उन्होंने कहा कि जब वह नशे में था तब महिला ने उसके साथ संबंध स्थापित करने के बाद उस पर शादी करने का दबाव डाला और बाद में उसे बताया कि वह गर्भवती थी। अपीलकर्ता-पति ने आगे आरोप लगाया कि पत्नी ने आत्महत्या करने की धमकी दी और उसके कई पुरुषों के साथ अवैध संबंध थे। मामले पर विचार करने के बाद कोर्ट ने पति के आरोपों को खारिज कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed