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हाईकोर्ट ने कहा दिल्ली हिंसा की जांच एकतरफा, पुलिस को फटकार

Fri, 29 May 2020 05:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली   Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 29 May 2020 05:32 AM IST
सार

  • पुलिस उपायुक्त को जांच की निगरानी का दिया निर्देश 
  • कोर्ट ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि केस डायरी देखने से यह  एकतरफा लगती है
  • कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी यह भी नहीं बता सका कि अब तक केस में दूसरे पक्ष के संबंध में क्या जांच हुई

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High court said investigation into Delhi violence looks one side
delhi high court

विस्तार

उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुई हिंसा की जांच पर सवाल उठाते हुए अदालत ने बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि केस डायरी देखने से यह  एकतरफा लगती है। अदालत ने इसके मद्देनजर संबंधित पुलिस उपायुक्त को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।  

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पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेन्द्र राणा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिंसा मामले में आरोपी जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा के केस की सुनवाई करते हुए पुलिस की जांच पर यह सवाल खड़े किए। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी यह भी नहीं बता सका कि अब तक केस में दूसरे पक्ष के संबंध में क्या जांच हुई है। 
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अदालत में अर्जी दायर कर दिल्ली पुलिस ने तन्हा की न्यायिक हिरासत 30 दिन बढ़ाने का अनुरोध किया था। पुलिस ने तन्हा पर अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) लगाया है। अदालत ने पुलिस को फटकार लगाते हुए तन्हा की न्यायिक हिरासत 30 दिनों के लिए बढ़ा दी। 
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कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस कार्रवाई को देखकर यह साफ लग रहा है कि जांच एकतरफा है। कोर्ट ने केस डायरी देखकर इंस्पेक्टर लोकेश और अनिल से पूछा कि मामले में अब तक क्या जांच की गई, तो वे कुछ भी संतोषजनक नहीं बता सके। इसके बाद अदालत ने संबंधित पुलिस उपायुक्त को निर्र्देश दिया कि वह जांच की निगरानी करें ताकि निष्पक्ष जांच हो। 


उल्लेखनीय है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में सीएए और एनआरसी के विरोध में फरवरी में दंगे हुए थे। इनमें 53 लोग मारे गए थे तो वहीं 250 से ज्यादा जख्मी हुए थे। 

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