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हाईकोर्ट ने डिस्कॉम्स दिया करारा झटका
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 25 Mar 2014 08:16 PM IST
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हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें तीनों डिस्कॉम्स के खातों का नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) से ऑडिट करवाने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने दिल्ली की तीनों बिजली वितरण कंपनियों को सीएजी ऑडिट में पूरी तरह से सहयोग करने को कहा है।
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कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई एक मई से करेंगे। खंडपीठ ने बिजली कंपनियों द्वारा सिंगल जज के फैसले के खिलाफ दायर याचिका के आधार पर ऑडिट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
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खंडपीठ ने कहा वे स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि अगले आदेश तक बिजली कंपनियां खातों के ऑडिट में सीएजी को पूरी तरह से सहयोग करेंगी। इससे पूर्व एनजीओ ऊर्जा के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने खंडपीठ को बताया कि अदालत के समक्ष चार याचिकाएं सुनवाई के लिए लगी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि एनजीओ की ओर से बिजली कंपनियों द्वारा फर्जी खाते बनाकर घपला करने की सीबीआई जांच की भी मांग की गई है। वहीं दिल्ली सरकार की तरफ से पेश अधिवक्ता ने कहा कि कंपनियों में जनता का पैसा लगा है और इसी आधार पर ऑडिट जरूरी है।
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गौरतलब है कि हाल ही में सीएजी ने सिंगल जज के समक्ष आरोप लगाया था कि तीनों बिजली वितरण कंपनियां अदालत के आदेश के बावजूद खातों के ऑडिट में सहयोग नहीं कर रही हैं। वहीं दिल्ली सरकार ने तर्क रखा था कि आम लोगों व उपभोक्ताओं में विश्वास बनाए रखने के लिए कंपनियों के खातों का आडिट जरूरी है।