फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court denies giving directions to LGBT law

एलजीबीटी कानून का निर्देश देने से हाईकोर्ट का इनकार

Tue, 09 Jul 2019 06:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 09 Jul 2019 06:06 AM IST
विज्ञापन
High Court denies giving directions to LGBT law
LGBT

हाईकोर्ट ने सरकार को लेस्बियन, गे, बायोसेक्सुअल और ट्रांसजेंडर (एलजीबीटी) समुदाय के लिए पारिवारिक कानून बनाने और इस मुद्दे की पड़ताल के लिए समिति बनाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। एक जनहित याचिका में केंद्र सरकार को यह निर्देश देने का आग्रह किया गया था। 

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के जवाब के बाद तेजिंदर सिंह की जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा कि कानून बनाना विधायिका का अधिकार है। 
विज्ञापन


खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए याची से पूछा कि क्या कोर्ट विधायिका को समिति बनाने का निर्देश दे सकती है। सरकार ने इस मुद्दे की पड़ताल के लिए समिति बनाई है तो वह ऐसा कर सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने याचिका पर जवाब दाखिल कर कहा था कि एलजीबीटी समुदाय के कल्याण और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

याची ने एलजीबीटी समुदाय के लोगों के अधिकारों को ध्यान में रखकर हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन करने, उनके विवाह, बच्चा गोद लेने और अन्य अधिकारों की रक्षा के लिए एलजीबीटी आयोग बनाने का निर्देश देने की मांग की थी। 


याचिका में कहा गया था कि देश का संविधान सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करता है। किसी के साथ भेदभाव न हो, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। याची का कहना था कि एलजीबीटी समुदाय के लोगों की संख्या बेहद कम है, लेकिन उन्हें समान मूल अधिकार प्राप्त हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed