फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court converts Subramanian Swamy petition on Rahul Gandhi citizenship into a PIL

क्या ब्रिटिश नागरिक हैं राहुल गांधी?: दिल्ली हाईकोर्ट करेगा सुनवाई, सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका PIL में तब्दील

Tue, 20 Aug 2024 06:07 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 20 Aug 2024 06:07 PM IST
सार

दिल्ली हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की नागरिकता के मामले पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका को जनहित याचिका में तब्दील कर दिया है। साथ ही गृह मंत्रालय को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

विज्ञापन
High Court converts Subramanian Swamy petition on Rahul Gandhi citizenship into a PIL
राहुल गांधी (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग याचिका को जनहित याचिका (पीआईएल) में तब्दील कर दिया। याचिका में निर्णय लेने के लिए गृह मंत्रालय (एमएचए) को निर्देश देने की मांग की गई है। न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने मामले को जनहित याचिकाओं से निपटने वाली रोस्टर बेंच को भेज दिया। उन्होंने स्वामी के इस रुख पर गौर किया कि मामले में जनहित शामिल है।

विज्ञापन

हालांकि अदालत ने कहा स्वामी गृह मंत्रालय को निर्देश जारी करने के लिए कोई लागू करने योग्य संवैधानिक अधिकार प्रदर्शित करने में विफल रहे हैं। न्यायमूर्ति नरूला ने स्पष्ट किया हमने गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्वामी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने के लिए उनके अभ्यावेदन पर निर्णय लेने के लिए गृह मंत्रालय (एमएचए) को निर्देश देने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

विज्ञापन

स्वामी ने 2019 में गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि बैकऑप्स लिमिटेड नामक एक कंपनी वर्ष 2003 में यूनाइटेड किंगडम में पंजीकृत हुई थी और गांधी इसके निदेशकों और सचिवों में से एक थे। भाजपा नेता ने कहा कि 10 अक्टूबर 2005 और 31 अक्टूबर 2006 को दाखिल कंपनी के वार्षिक रिटर्न में गांधी ने अपनी राष्ट्रीयता ब्रिटिश बताई थी।

याचिका में कहा गया है कि 17 फरवरी 2009 को कंपनी के विघटन आवेदन में गांधी की राष्ट्रीयता फिर से ब्रिटिश बताई गई थी। स्वामी ने कहा कि यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 9 और भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 का उल्लंघन है।

गृह मंत्रालय ने 29 अप्रैल, 2019 को गांधी को पत्र लिखकर उनसे इस संबंध में एक पखवाड़े के भीतर तथ्यात्मक स्थिति से अवगत कराने को कहा था। हालांकि, स्वामी ने तर्क दिया कि उनके पत्र के पांच साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, गृह मंत्रालय की ओर से अभी भी कोई स्पष्टता नहीं है कि इस पर क्या निर्णय लिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed