फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   hidden cameras can open many secrets in commissioners fight in gurgaon

सीक्रेट कैमरे में छुपा है महिला IPS व कमीश्नर का राज

Wed, 30 Sep 2015 05:55 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव Updated Wed, 30 Sep 2015 05:55 PM IST
विज्ञापन
hidden cameras can open many secrets in commissioners fight in gurgaon

पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क पर दुष्कर्म पीड़िता को नियमों से अलग हटकर लाभ पहुंचाने और बिना अदालत की अनुमति के जांच खोलने का आदेश देने का आरोप है।

विज्ञापन


जिस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस अपनी रिपोर्ट अदालत को दे चुकी है, उसे बिना अनुमति के नहीं खोला जा सकता है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त भारती अरोड़ा ने मंगलवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जुलाई 2014 में पूर्व डीसी आरपी भारद्वाज के बेटे अजय भारद्वाज पर सुशांत लोक थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था।
विज्ञापन


जांच रिपोर्ट अदालत में चली गई। जांच में परिवार वालों का दोष नहीं मिला। उस मामले को पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क ने एक आवेदन पर खोल दिया।

सीपी के कमरे में लगे सीक्रेट कैमरे में कैद है सबकुछ

hidden cameras can open many secrets in commissioners fight in gurgaon

इसके बाद आरोपी अजय भारद्वाज ने पुलिस महानिदेशक से शिकायत की। इसकी जांच भारती अरोड़ा को मिली। जांच के सिलसिले में 23 जुलाई को उन्हें सीपी ने अपने कार्यालय बुलाया। अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने सीपी विर्क से कहा कि यह केस झूठा दर्ज किया गया है।

कम से कम अजय भारद्वाज के परिवार वालों का इसमें कोई मतलब नहीं है। इसके बाद उन्होंने कहा कि इस मामले में 307 क्यों नहीं लगाया। इसका उन्होंने विरोध किया तो सीपी ने उन्हें धमकी दी। उन्होंने कहा कि केस से हट जाओ।

यह पूरी बातचीत सीपी के कमरे में लगे सीक्रेट कैमरे में कैद है। उसे देखा जाए तो पता चलेगा कि आखिर उस दिन इस केस को लेकर उन पर सीपी ने कितना दबाव डाला।

'अकेले में मिलने को कहती थी पीड़िता'

hidden cameras can open many secrets in commissioners fight in gurgaon

संयुक्त पुलिस आयुक्त भारती अरोड़ा के अनुसार, जब एसीपी दलबीर मामले की जांच कर रहे थे तो शिकायत करने वाली महिला ने उनसे कई बार अकेले में मिलने की बात कही थी। जिसके बाद उन्होंने उक्त जांच किसी महिला अधिकारी से कराने को कहा था।

जांच एसीपी ममता खरब को दी गई। जिसमें उन्होंने साफ तौर पर दुष्कर्म न होने व परिवार वालों को निर्दोष बताया था। यह बात कोर्ट ने कही है।

उधर, सीपी का कहना है कि उन्होंने जो कुछ भी किया नियमों के दायरे में किया। वह इस मामले को सार्वजनिक नहीं करना चाहते थे लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि सामने आना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed