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Delhi NCR News: दिल्ली की विरासत भी संवरेगी, विकास भी छुएगा नई ऊंचाइयां
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स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संकल्प, हर गली में खुशहाली और हर घर में आधुनिक सुविधाएं पहुंचाएंगे
एलजी बोले- दिल्ली की मिली-जुली संस्कृति देश की एकता का प्रतीक, इसे बनाएंगे विश्वस्तरीय राजधानी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली की सदियों पुरानी विरासत को सहेजने के साथ राजधानी को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। दिल्ली स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह संकल्प दोहराते हुए कहा कि दिल्ली के गौरवशाली अतीत के अनुरूप इसका भविष्य भी भव्य बनाया जाएगा। वहीं, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली की विविधतापूर्ण संस्कृति को एक भारत की भावना का प्रतीक बताते हुए इसे विश्वस्तरीय राजधानी बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दिल्ली की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इंद्रप्रस्थ की गौरवगाथा से आधुनिक भारत के स्वाभिमान तक दिल्ली ने कई युग देखे हैं। इसकी मिट्टी में सभ्यताओं की स्मृतियां और यमुना की धारा में इतिहास की कहानियां समाई हैं। लाल किले से राष्ट्र का गौरव और कर्तव्य पथ से स्वतंत्र भारत का आत्मविश्वास झलकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प हर गली में खुशहाली, हर घर में आधुनिक सुविधाएं और हर नागरिक के जीवन में समृद्धि सुनिश्चित करना है।
1956 में मिला था केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि एक नवंबर 1956 को दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला था। उन्होंने कहा कि दिल्ली की खूबसूरती इसकी विविधता में है। यहां पीढ़ियों से रह रहे लोगों के साथ दूसरे स्थानों से आकर बसे लोगों ने भी इसे अपना घर बनाया है। यही वजह है कि हर कोई गर्व से खुद को दिल्लीवाला कहता है।
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एलजी ने बताया देश की एकता का प्रतीक
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्लीवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत और जीवंत मिली-जुली संस्कृति एक भारत की भावना को दर्शाती है। उन्होंने आधुनिक विकास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के मेल से दिल्ली को विश्वस्तरीय राजधानी बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
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एलजी बोले- दिल्ली की मिली-जुली संस्कृति देश की एकता का प्रतीक, इसे बनाएंगे विश्वस्तरीय राजधानी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली की सदियों पुरानी विरासत को सहेजने के साथ राजधानी को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। दिल्ली स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह संकल्प दोहराते हुए कहा कि दिल्ली के गौरवशाली अतीत के अनुरूप इसका भविष्य भी भव्य बनाया जाएगा। वहीं, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली की विविधतापूर्ण संस्कृति को एक भारत की भावना का प्रतीक बताते हुए इसे विश्वस्तरीय राजधानी बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दिल्ली की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इंद्रप्रस्थ की गौरवगाथा से आधुनिक भारत के स्वाभिमान तक दिल्ली ने कई युग देखे हैं। इसकी मिट्टी में सभ्यताओं की स्मृतियां और यमुना की धारा में इतिहास की कहानियां समाई हैं। लाल किले से राष्ट्र का गौरव और कर्तव्य पथ से स्वतंत्र भारत का आत्मविश्वास झलकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प हर गली में खुशहाली, हर घर में आधुनिक सुविधाएं और हर नागरिक के जीवन में समृद्धि सुनिश्चित करना है।
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1956 में मिला था केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि एक नवंबर 1956 को दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला था। उन्होंने कहा कि दिल्ली की खूबसूरती इसकी विविधता में है। यहां पीढ़ियों से रह रहे लोगों के साथ दूसरे स्थानों से आकर बसे लोगों ने भी इसे अपना घर बनाया है। यही वजह है कि हर कोई गर्व से खुद को दिल्लीवाला कहता है।
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एलजी ने बताया देश की एकता का प्रतीक
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्लीवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत और जीवंत मिली-जुली संस्कृति एक भारत की भावना को दर्शाती है। उन्होंने आधुनिक विकास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के मेल से दिल्ली को विश्वस्तरीय राजधानी बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।