मेक इन इंडियाः ताइवानी कंपनी बनाएंगी इंडस्ट्री पार्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताइवान की कंपनियां ग्रेटर नोएडा में खरीदी गई 210 एकड़ जमीन पर ताइवान इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफेक्चरिंग क्लस्टर (टीईएमसी) के तहत 13 इंडस्ट्री पार्क संचालित करेंगी।
इसमें इलेक्ट्रानिक्स, सॉफ्टवेयर सहित कई मैन्यूफेक्चरिंग इंडस्ट्री शामिल होंगी। छह महीनों में ताइवान की ओर से भारत में पहले मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दी जाएगी। इसके पूरा होने पर एक लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
13 अगस्त को टीईएमसी के लिए ताइवान इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक्स मैन्यूफेक्चर एसोसिएशन (टीमा) को 210 एकड़ जमीन दी गई थी।
ढेरों सुविधाओं के साथ जमीन उपलब्ध कराई गई
ये जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जरिये उत्तर प्रदेश डेवलेपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीडेस्को) के द्वारा दी गई है। बृहस्पतिवार को ताइवान की मिनिस्ट्री ऑफ इकनॉमक अफेयर्स के वाइस मिनिस्टर जॉन्ग चिन शेन की अगुवाई में टीमा चेयरमैन फ्रेंसिस साई और उनके 35 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने इकोटेक-4 व इकोटेक-5 में इस साइट का दौरा किया।
इस मौके पर यूपी के राज्य परिवहन मंत्री यासर शाह, आईटी एंड इलेक्ट्रानिक्स के प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, महेश गुप्ता-प्रमुख सचिव इंडस्ट्री, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ दीपक अग्रवाल और एसीईओ पीके गुप्ता की मौजूद में इस प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई।
ईएमसी प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही स्पेशल परपज वेहिकल (एसपीवी) का गठन कर दिया जाएगा। ये प्रोजेक्ट भारत सरकार की मॉडिफाइड स्पेशल इनसेंटिव पैकेज स्कीम के तहत ढेरों सुविधाओं के साथ ये जमीन उपलब्ध कराई गई है।
1000 एकड़ में विस्तार करने की योजना
टीमा की ओर से टीईएमसी के इस प्रोजेक्ट को आने वाले समय में 210 एकड़ से बढ़ाकर विस्तार किया जाएगा। ताइवान प्रतिनिधियों का कहना है कि वे भविष्य में 1000 एकड़ तक के क्षेत्र में कंपनियों के सहयोग से निवेश को बढ़ावा देंगे।
यूपी के राज्य परिवहन मंत्री यासर शाह ने कहा कि ये प्रोजेक्ट सफल होने के बाद उम्मीद है कि ताइवान कंपनियां यूपी के अन्य हिस्सों में भी अपने प्रोजेक्ट लगाने के लिए निवेश करेंगे।
इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास और मदद करेगी। सिंगल विंडो क्लियरेंस से विदेशी निवेशकों को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।