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नववर्ष पर नहीं फोड़ सकेंगे पटाखे, जारी किया गया ये निर्देश
Sun, 30 Dec 2018 12:54 AM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 30 Dec 2018 12:54 AM IST
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दिल्ली वायु प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-एनसीआर में हवा की स्थिति बदतर बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक शनिवार को गाजियाबाद की हवा लगातार तीसरे दिन गंभीर प्रदूषण की श्रेणी में रही। वहीं, दिल्ली और यूपी व हरियाणा के अन्य एनसीआर शहरों की हवा बहुत खराब स्थिति में बनी हुई है। वहीं नए वर्ष पर स्थिति और अधिक बिगड़ने न पाए इसलिए सीपीसीबी ने दिल्ली पुलिस समेत गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के जिलाधिकारी को प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर नियंत्रण रखने को भी कहा है।
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सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक मौसम में कोहरा, आद्रता जैसे सूचक प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं। हालांकि, हवा की गति में थोड़ा सुधार हुआ है। शनिवार को सतह पर चलने वाली हवा की गति 3.8 किलोमीटर प्रति घंटे रिकॉर्ड की गई। यह हवा की मंद गति है हालांकि प्रदूषण कणों को बिखेरने में सक्षम है। सफर के मुताबिक अगले तीन दिन तक हवा की गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
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केंद्रीय एजेंसी सफर ने अपनी हेल्थ एडवाइजरी में कहा है कि बहुत खराब वायु गुणवत्ता की स्थिति में भी वायु प्रदूषण से बचाव जरूरी है। इसलिए श्रमसाध्य कार्य खुले वातावरण में न करें। संभव हो तो एन-96 और पी-100 गुणवत्ता वाला मास्क पहनें।
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लगातार तीसरे दिन सर्वाधिक प्रदूषित गाजियाबाद
शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 385, फरीदाबाद का एक्यूआई 341, गाजियाबाद का एक्यूआई 404, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 392, गुरुग्राम का एक्यूआई 342, नोएडा का एक्यूआई 370 रिकॉर्ड किया गया। 301 से 400 का एक्यूआई बहुत खराब और 401 से 500 की श्रेणी गंभीर प्रदूषण श्रेणी को दर्शाता है। वहीं दिल्ली-एनसीआर की हवा में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) कण भी बहुत खराब स्थिति में स्थिर हैं।