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खास खबरः ग्रामीण क्षेत्रों में 20 साल में दोगुने हुए दिल के मरीज, अध्ययन में हुआ खुलासा

Wed, 21 Oct 2020 05:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 21 Oct 2020 05:36 AM IST
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Heart patients doubled in 20 years in rural areas
प्रतीकात्मक तस्वीर

शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खानपान की वजह से लोगों को कई तरह की बीमारियां जकड़ लेती हैं, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस तरह की परेशानियां देखने को मिल रही है। पहली बार दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में हुए अध्ययन से पता चला है कि 20 वर्ष में सबसे ज्यादा दिल की बीमारियां इन्हीं क्षेत्रों के लोगों को हुई हैं। वहीं राजधानी की महिलाओं में सबसे ज्यादा कोरोनरी हार्ट डिजीज (सीएचडी) एवं कार्डियोवस्कुलर डिजीज (सीवीडी) के मामले आ रहे हैं।

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नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने वर्ष 1991-94 में किए गए सर्वे के परिणामों को लेकर अध्ययन में यह पता लगाया है कि पिछले 20 वर्ष में 35 से 64 वर्ष की आयु के लोगों में दिल की बीमारियां बढ़ी हैं। वर्ष 2000 से पहले तक दिल्ली में 10.3 फीसदी लोगों में यह बीमारियां देखने को मिल रही थीं, जोकि अब 14 फीसदी से ज्यादा में मिल रही हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पहले छह फीसदी के आसपास लोगों में यह परेशानी थी, जोकि अब बढ़कर आठ फीसदी तक पहुंच चुकी है।
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दिल्ली एम्स के अलावा आईसीएमआर और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों ने मिलकर यह अध्ययन पूरा किया है, जिसे एलसेवियर मेडिकल जर्नल में प्रकाशित भी किया है। इसके मुताबिक, दुनिया में हर साल सबसे ज्यादा दिल की बीमारियों की वजह से लोगों की मौत हो रही है। करीब 17.9 लाख लोगों की मौत हर वर्ष हो रही है। गौर करने वाली बात है कि करीब 80 फीसदी मौतें मध्यम व निम्न वर्गीय देशों में हो रही हैं, जिसमें से एक भारत भी है।
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ग्लोबल वर्डन ऑफ डिजीज 2016 अध्ययन के अनुसार, भारत में 17.8 फीसदी मौतें कोरोनरी हार्ट डिजीज की वजह से हो रही हैं, जबकि इनमें वर्ष 2007 से 2017 के बीच देश में 49.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


दिल्ली एम्स के डॉ. आनंद कृष्णन, डॉ. अंबुज रॉय और आईसीएमआर के डॉ. दीपक कुमार शुक्ला के अनुसार, वर्ष 1991 से 1994 और 2010 से 2012 के बीच दो बार सामुदायिक स्तर पर दिल्ली में एक सर्वे किया गया था, जिनका तुलनात्मक अध्ययन करने पर पता चला है कि दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों और महिलाओं में दिल की बीमारियों के मामले निरंतर बढ़े हैंÐ डॉक्टरों का मानना है कि इस चुनौती से निपटने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में खोले जा रहे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर काफी प्रभावी हो सकते हैं। इन केंद्रों मे´ दिल की बीमारियों की जांच सुविधाएं होने से मरीजों को समय रहते उपचार दिया जा सकता है। 

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