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नर्सरी एडमिशन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Wed, 26 Feb 2014 07:04 PM IST
Updated Wed, 26 Feb 2014 07:04 PM IST
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Hearing on nursery admission today in Supreme Court

नर्सरी एडमिशन में नई गाइडलांस के खिलाफ गैर सहायता वाले निजी स्कूलों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों राष्ट्रीय राजधानी में नर्सरी में दाखिला प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, लेकिन गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों की याचिका पर इस मुद्दे पर 31 जनवरी को सुनवाई करने पर सहमति जताई थी।

प्रबंधन कोटा खत्म करने के लिए उपराज्यपाल की अधिसूचना पर आपत्ति जताने के लिए निजी स्कूलों पर सवाल उठाते हुए न्यायमूर्ति एचएल दत्तू के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद ही फैसला लिया गया होगा। पीठ ने कहा कि उप राज्यपाल न सिर्फ उच्च कोटि के विद्वान हैं, एक अच्छे शिक्षाविद भी हैं।
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केंद्र व दिल्ली सरकार के जवाब पर हाईकोर्ट असंतुष्ट

Hearing on nursery admission today in Supreme Court

हाईकोर्ट ने नर्सरी दाखिलों में अशक्त बच्चों के लिए आरक्षित कोटे को भी आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों के कोटे में जोड़ने के मुद्दे पर केंद्र व दिल्ली सरकार के जवाब पर असंतुष्टि जताई है। अदालत ने कहा कि यह काफी गंभीर मुद्दा है और जरूरत पड़ने पर आदेश पारित किया जाएगा।

न्यायमूर्ति एस. रविंद्र भट्ट व न्यायमूर्ति आरवी ईश्वर की खंडपीठ के समक्ष पेश केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि ऐसे मामलों में दिशा-निर्देश तय करने व नीति बनाने के लिए केंद्र व उपराज्यपाल को पूरा अधिकार है।

इस पर खंडपीठ ने कहा कि नीति से अशक्त बच्चों के अधिकारों का हनन हो रहा है। इसके बाद दोनों पक्षों को बुधवार को रवैया स्पष्ट करने का निर्देश दे दिया गया। जनहित याची प्रमोद अरोड़ा के अधिवक्ता कीर्ति उप्पल ने 18 दिसंबर 2013 को उपराज्यपाल द्वारा नर्सरी दाखिलों के संबंध में जारी दिशानिर्देश को रद्द करने का आग्रह किया है।

पूरी हो चुकी है लॉटरी प्रक्रिया

Hearing on nursery admission today in Supreme Court

नर्सरी दाखिले के लिए स्कूलों में एक-एक सीट पर कड़ी टक्कर के कारण लॉटरी का दौर चल रहा है। सोमवार को स्प्रिंगडेल्स स्कूल, पूसा रोड में गरीब वर्ग के ड्रा के दौरान अभिभावकों के हंगामे के बाद मंगलवार को स्कूल प्रशासन ने पुलिस की उपस्थिति में लॉटरी प्रक्रिया पूरी की। वहीं, गरीब वर्ग की लॉटरी रद्द होने के बाद अब तक डेट जारी नहीं की गई है।

उपराज्यपाल के निर्देश पर जारी गाइड लाइंस के मुताबिक, स्कूलों को 28 फरवरी को बच्चों की पहली सूची जारी करनी है। ऐसे में स्कूलों में किसी न किसी श्रेणी के तहत ड्रा किए जा रहे हैं। स्प्रिंगडेल्स स्कूल की प्रिंसिपल अमिता मूला वॉट्ल ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में ड्रॉ किए गए।

गर्ल्स चाइल्ड की महज पांच सीटों की लॉटरी के लिए लगभग दो हजार अभिभावक स्कूल पहुंचे थे, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए 40-50 पुलिसकर्मी उपस्थित थे। उधर, पूसा रोड स्थित बाल भारती स्कूल में भी पुलिस की मौजूदगी में लॉटरी प्रक्रिया को पूरा किया गया।

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निजी स्कूलों का आरोप प्रबंधन कोटा खत्म करना मनमानी

Hearing on nursery admission today in Supreme Court

निजी स्कूलों ने उपराज्यपाल नजीब जंग के नर्सरी दाखिलों में 20 प्रतिशत प्रबंधन कोटा खत्म करने संबंधी फैसले को मनमाना बताया है। इसके अलावा उन्होंने आठ किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को 70 अंक देने के निर्णय को भी गलत बताया है।

न्यायमूर्ति मनमोहन के समक्ष निजी स्कूलों के अधिवक्ता एनके कौल ने दाखिले के लिए दिशा निर्देश बनाने को लेकर उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि नीति आनन फानन में तैयार की गई है।

सरकार ने दाखिले के लिए उनसे पसंद के बच्चों को चुनने का अधिकार छीन लिया है। इससे उनकी साख प्रभावित हो सकती है। उन्होंने इसे स्कूलों की स्वायत्तता पर हमला बताया।

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