दिल्ली में गंदगी को लेकर हाईकोर्ट सख्त, तीनों नगर निगम आयुक्तों को समन जारी
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राजधानी में जगह-जगह फैले कूड़े-कचरे की गाज आखिर तीनों नगर निगम आयुक्तों पर गिर गई। हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए तीनों आयुक्तों के खिलाफ अदालत की अवमानना नोटिस जारी कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इतना ही नहीं अदालत ने तीनों आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से भी पेश होने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी अदालत को गुमराह कर रहे हैं कि राजधानी में साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था है। अदालत के रवैये को देख दिल्ली सरकार व नगर निगम के वकीलों ने कहा कि वे राजधानी की इस तस्वीर पर शर्मिंदा हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर ने अदालत में प्रोजेक्टर के जरिये राजधानी में फैले कूड़े की वीडियो देखने के बाद दिल्ली सरकार व नगर निगम के वकीलों से पूछा कि आखिर यह क्या है। आपने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हर जगह से कूड़ा उठा दिया गया है। आप अदालत को गुमराह कर रहे हैं और अधिकारी व आयुक्त तक कुछ नहीं कर रहे बल्कि अपनी खाल बचाने में लगे हैं। अदालत ने कहा लगता है कि अधिकारियों व वकीलों के बीच तालमेल ही नहीं है तभी ऐसी गलत रिपोर्ट दायर कर दी जाती है।
गंदगी का वीडियो देख वकीलों ने कहा-हम शर्मिंदा हैं
अदालत की नाराजगी को देख वकीलों ने माना कि वीडियो में तस्वीर कुछ और ही है और वे इस हालात पर शर्मिंदा हैं। अदालत ने कहा-अब एमसीडी आयुक्त से ही सीधे बात करनी होगी। अदालत ने कहा यह सरासर अवमानना है।
अदालत ने तीनों निगम के आयुक्त को अवमानना नोटिस जारी करते हुए उन्हें 21 जून को पेश होकर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें हर हाल में पेश होना है और पेशी से छूट संबंधी किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
इससे पहले सुनवाई शुरू होते ही अदालत द्वारा नियुक्त न्यायमित्र ने अपनी रिपोर्ट पेश की। वीडियो देख अदालत ने कहा कि मानसून सिर पर है लेकिन साफ पता चलता है कि कूड़ा उठाने के लिए निगम ने अभी तक कुछ नहीं किया। अदालत ने कहा ऐसा लगता है कि आयुक्त केवल अपनी फिक्र करते हैं आम लोगों की उन्हें कोई चिंता नहीं है।
स्वच्छता के लिए वीडियो प्रधानमंत्री को भेजने का निर्देश
अदालत ने स्वच्छ भारत का हवाला देते हुए उक्त वीडियो प्रधानमंत्री कार्यालय व उपराज्यपाल के पास भेजने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा ऐसा करने के बाद ही राजधानी से कूड़ा युद्धस्तर पर उठ सकता है, जिस प्रकार स्वच्छ भारत अभियान में कूड़ा उठा था उसी तरह की अब फिर जरूरत है।
अदालत ने एमसीडी अधिकारियरों के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी को तो जिम्मेदारी लेनी होगी आपको कूड़ा उठाने जैसा अपना मूलभूत काम करने के लिए कोर्ट के आदेश की जरूरत पड़ रही है।
डेंगू व चिकनगुनिया पर अदालत ने एमसीडी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सच पूछिए तो देश को डेंगू और चिकनगुनिया दिल्ली से ही मिला है। इसकी शुरुआत यहीं से हुई है। लेकिन निगम अधिकारियों को इससे कोई फर्क नही पड़ता कि दिल्ली में जरा सी बारिश से जगह-जगह पानी भर गया है, आम जनता किस हाल मे रह रही है।
आप कर क्या रहे हैं। क्या इंतजार कर रहे हैं कि लोग डेंगू-चिकनगुनिया के शिकार हो। निगम का काम सिर्फ लोगों से टैक्स लेना नही है, उनको सुविधाएं देना भी है जो वह नहीं कर रहीं हैं। निगम अदालत में सौ पेज का हलफनामा देकर कहती है कि सब कुछ ठीक है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट आपकी पोल खोल रही है।