यमुना प्राधिकरण के आवंटियों को हाइकोर्ट का झटका
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यमुना प्राधिकरण के 21 हजार आवंटियों को सोमवार को हाईकोर्ट से झटका लगा। किसानों को 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा देने के लिए 1330 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से प्राधिकरण द्वारा लगाया गया अतिरिक्त प्रतिकर अब उन्हें भरना पड़ेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुछ आवंटियों द्वारा लगाई गई याचिका खारिज कर दी है।
वर्ष 2009 में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-18 और सेक्टर-20 में भूखंडों की योजनाएं निकालीं थीं। इसमें तीन सौ वर्गमीटर, पांच सौ वर्गमीटर, एक हजार वर्गमीटर, दो हजार वर्गमीटर और तीन हजार वर्गमीटर के करीब 21 हजार भूखंड की योजना निकाली गई थी।
ग्रेटर नोएडा में भूमि के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजे के आदेश के बाद यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों की मांगों और आंदोलन को देखते हुए प्राधिकरण ने उन्हें भी 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा देने का फैसला किया।
अतिरिक्त मुआवजे का बढ़ा बोझ (1330 रुपये प्रति वर्ग मीटर) आवंटियों से लेने का प्राधिकरण ने निर्देश दिया था। इसी सिलसिले में अतिरिक्त प्रतिकर 19 अक्तूबर को अंतिम तिथि थी। इसके खिलाफ कुछ आवंटियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रतिकर मामले को यमुना प्राधिकरण का मामला बताते हुए उसमे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।