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आंतरिक सुरक्षा होगी सुदृढ़ तो बाहरी ताकतों से लड़ेगा देश: राज्यपाल
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sat, 15 Apr 2017 06:21 PM IST
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haryana governor
- फोटो : अमर उजाला
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प्रत्येक नागरिक के लिए राष्ट्र सर्वप्रथम होना चाहिए। जब देश की आंतरिक स्थिति बेहतर होगी तो बाहरी सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। इस दिशा में सरकार को लगातार प्रयास करना होगा। आंतरिक चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिकों को भी अपनी भूमिका ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाना होगा। देश की सेना सीमा की सुरक्षा तो कर रही है ऐसे ही प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका को बड़े ही सजग ढंग से निभाने की जरूरत है।
यह बातें शनिवार को हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कही। वह गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित होटल प्लाजियों में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की दो दिवसीय तृतीय वार्षिक आम सभा का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस सभा में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधि हिस्सा लेने आए हैं।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान परिवेश में लोगों की राष्ट्र के प्रति आस्था कम हुई है। जिस कारण देशवासियों में असुरक्षा की भावना जन्म ले रही है। इसे फिर से स्थापित करने के लिए देश भर में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच जैसे संगठन अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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सोलंकी ने कहा कि आज देश में पैसा ही सबसे बड़े खतरे के रूप में सामने आया है। जिस कारण असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने जब नोटबंदी का निर्णय लिया तो आतंकवाद की कमर टूट गई। समाज में हिंसा, अपराध व लगातार बढ़ रहे अत्याचारों को रोकना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आज देश भूगौलिक रूप से तो सुरक्षित है लेकिन लोगों की जीवन पद्धति ही उनकी की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है। बदलती जीवन पद्धति ने राष्ट्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है लेकिन जीवन के मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए की जाने वाली हिंसा हमेशा अहिंसा के दायरे में आती है।
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि व्यक्ति को हर कीमत पर सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने अत्याचार व अन्याय मुक्त समाज का निर्माण की अपील की। कहा कि देश में पत्थरबाजों व अलगाववादियों को बढ़ावा देने वाले नेताओं की कमी नहीं है। जिस कारण देश के भीतर और बाहर बड़ा संकट पैदा हो गया है।
उन्होंने चीन द्वारा भारत की सुरक्षा में अनावश्यक हस्तक्षेप की कडे़ शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि सहनशील देश की है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में अनावश्यक हस्तक्षेप को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज भारत को बिखेरने वाली ताकतें सक्रिय हैं जबकि देश को निखारने वाली ताकतें कम हैं। इंद्रेश ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच इस समय देश के 25 राज्यों में अपनी शाखाएं चला रहा है। मंच के कार्यकर्ता लोगों को राष्ट्र सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं।
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यह बातें शनिवार को हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कही। वह गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित होटल प्लाजियों में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की दो दिवसीय तृतीय वार्षिक आम सभा का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस सभा में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधि हिस्सा लेने आए हैं।
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राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान परिवेश में लोगों की राष्ट्र के प्रति आस्था कम हुई है। जिस कारण देशवासियों में असुरक्षा की भावना जन्म ले रही है। इसे फिर से स्थापित करने के लिए देश भर में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच जैसे संगठन अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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सोलंकी ने कहा कि आज देश में पैसा ही सबसे बड़े खतरे के रूप में सामने आया है। जिस कारण असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने जब नोटबंदी का निर्णय लिया तो आतंकवाद की कमर टूट गई। समाज में हिंसा, अपराध व लगातार बढ़ रहे अत्याचारों को रोकना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आज देश भूगौलिक रूप से तो सुरक्षित है लेकिन लोगों की जीवन पद्धति ही उनकी की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है। बदलती जीवन पद्धति ने राष्ट्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है लेकिन जीवन के मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए की जाने वाली हिंसा हमेशा अहिंसा के दायरे में आती है।
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि व्यक्ति को हर कीमत पर सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने अत्याचार व अन्याय मुक्त समाज का निर्माण की अपील की। कहा कि देश में पत्थरबाजों व अलगाववादियों को बढ़ावा देने वाले नेताओं की कमी नहीं है। जिस कारण देश के भीतर और बाहर बड़ा संकट पैदा हो गया है।
उन्होंने चीन द्वारा भारत की सुरक्षा में अनावश्यक हस्तक्षेप की कडे़ शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि सहनशील देश की है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में अनावश्यक हस्तक्षेप को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज भारत को बिखेरने वाली ताकतें सक्रिय हैं जबकि देश को निखारने वाली ताकतें कम हैं। इंद्रेश ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच इस समय देश के 25 राज्यों में अपनी शाखाएं चला रहा है। मंच के कार्यकर्ता लोगों को राष्ट्र सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं।