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दिल्ली : मंदिर को टूटने से बचाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ
Mon, 23 Nov 2020 12:35 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 23 Nov 2020 12:35 PM IST
सार
- विहिप नेता चांदनी चौक स्थित हनुमान मंदिर बचाने में जुटे
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भगवान हनुमान
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
चांदनी चौक स्थित मंदिर को टूटने से बचाने के लिए विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता हनुमान चालीस का पाठ कर रहे हैं। परिषद ने यह भी कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। दिल्ली के चांदनी चौक स्थित मंदिर को तोड़ने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार आगे की कार्रवाई में जोर-शोर से जुट गई है।
इसके विरोध में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ता शनिवार रात से ही मौके पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। मंदिर को बचाने के लिए हिंदू समाज के लोग विहिप के नेतृत्व में मौके पर भारी संख्या में जुटे हुए हैं। विहिप का कहना है कि हाईकोर्ट ने मंदिर का पक्ष सुने बिना ही उसको तोड़ने का आदेश पारित कर दिया।
विहिप ने दिल्ली सरकार से अपील की है कि मंदिर को बचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। विहिप का कहना है कि चांदनी चौके रोड पर 1974 में पीपल पेड़ के नीचे हनुमानजी स्वयंभू प्रकट हुए। भक्तों ने वहां मंदिर बना दिया । 1975 में दुर्गा जी व शंकरजी का मंदिर पीपल पेड़ के दूसरी तरफ बनाया गया । 1974 से सभी के संज्ञान में यह मंदिर है। किसी ने भी आज तक आपत्ति नहीं की।
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इसके विरोध में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ता शनिवार रात से ही मौके पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। मंदिर को बचाने के लिए हिंदू समाज के लोग विहिप के नेतृत्व में मौके पर भारी संख्या में जुटे हुए हैं। विहिप का कहना है कि हाईकोर्ट ने मंदिर का पक्ष सुने बिना ही उसको तोड़ने का आदेश पारित कर दिया।
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विहिप ने दिल्ली सरकार से अपील की है कि मंदिर को बचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। विहिप का कहना है कि चांदनी चौके रोड पर 1974 में पीपल पेड़ के नीचे हनुमानजी स्वयंभू प्रकट हुए। भक्तों ने वहां मंदिर बना दिया । 1975 में दुर्गा जी व शंकरजी का मंदिर पीपल पेड़ के दूसरी तरफ बनाया गया । 1974 से सभी के संज्ञान में यह मंदिर है। किसी ने भी आज तक आपत्ति नहीं की।
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