{"_id":"5dd140398ebc3e550545ef62","slug":"half-of-aiims-doctors-on-leave-from-december","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगले महीने से एम्स के आधे डॉक्टर छुट्टी पर, मरीजों को करना पड़ सकता है इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अगले महीने से एम्स के आधे डॉक्टर छुट्टी पर, मरीजों को करना पड़ सकता है इंतजार
Sun, 17 Nov 2019 06:12 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 17 Nov 2019 06:12 PM IST
विज्ञापन
aiims
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगले महीने से दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के आधे डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। शीत अवकाश के चलते 23 दिसंबर से 10 जनवरी 2020 तक दो चरणों में डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि अवकाश के चलते गंभीर रोगियों का उपचार प्रभावित नहीं होगा। जबकि फॉलोअप मरीजों को जरूर 10 से 15 दिन का वक्त बढ़ाया जा सकता है। एम्स प्रबंधन की मानें तो सभी विभागों को अवकाश के दौरान 50 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य रहने के आदेश दिए जा चुके हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसलिए एम्स प्रबंधन ने दो चरणों में अवकाश देने का निर्णय लिया है। पहले चरण के तहत एम्स के आधे डॉक्टर 23 से 31 दिसंबर तक अवकाश पर रहेंगे। जबकि बाकी डॉक्टर 02 से 10 जनवरी तक दूसरे चरण में छुट्टी ले सकेंगे। एम्स के कुल 54 विभाग के करीब 250 से ज्यादा सीनियर डॉक्टर पहले चरण में अवकाश पर रह सकते हैं।
विज्ञापन
एम्स के विभिन्न विभागों के आधे निर्धारित योजना के तहत नर्सों को भी अवकाश दिया जाएगा। एम्स के मुताबिक, मरीजों की तादाद और लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण ऐसी अवकाश योजना बनाई गई है। यही वजह है 50-50 फीसदी डॉक्टरों को अवकाश पर भेजा रहा है। हालांकि विभाग में रेजिडेंट डॉक्टर्स को तैनात किया जाएगा। ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।
एम्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी विभागों को आगामी 30 नवंबर तक दोनों चरणों के अनुसार छुट्टी पर जाने वाले डॉक्टरों का ब्यौरा मांगा है। सूची आने के बाद प्रबंधन स्तर पर इसकी जांच की जाएगी और उसके बाद अनुमति दी जाएगी।