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गुरुग्राम सामूहिक हत्याकांडः इकलौते भाई की अर्थी को बहनों ने दिया कंधा
Wed, 03 Jul 2019 06:37 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 03 Jul 2019 06:37 AM IST
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गुरुग्राम सामूहिक हत्याकांड
- फोटो : Amar Ujala
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चार बहनों ने जब अपने इकलौते भाई व उसके परिवार के शव एक साथ देखे तो बेसुध सी हो गईं। बहनों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। बहन शकुंतला और सीमा के माता-पिता और एक बहन की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। ऐसे में अन्य रिश्तेदारों के साथ ही दो बहनों ने अपने भाई की अर्थी को कंधा दिया।
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उधर, वैज्ञानिक परिवार की हत्या और आत्महत्या के बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों के अंतिम संस्कार को लेकर डॉ. श्रीप्रकाश और कोमल के परिवार के बीच भी खींचतान देखने को मिली। पोस्टमार्टम के बाद कोमल के परिजन उसके शव को अपने साथ ले जाने की बात पर अड़ गए। जबकि डॉ. सिंह के परिजन कोमल के शव का अंतिम संस्कार भी वहीं कराने की बात पर अड़े रहे। बाद में चारों के शवों को गुरुग्राम सेक्टर-32 स्थित श्मशान घाट में मुखाग्नि दी गई।
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मंगलवार को मृतक वैज्ञानिक की बहनें, बहनोई और ससुराल पक्ष के लोग पोस्टमार्टम हाउस में चारों का शव लेने के लिए पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस में सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे दोनों परिवारों के लोग सेक्टर-32 स्थित शमशान घाट पहुंचे।
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शकुंतला ने बताया कि चार बहनों में श्रीप्रकाश अकेला ही भाई था। उनके माता-पिता और एक बहन की भी मृत्यु पहले ही हो चुकी है। शव मिलने के बाद श्रीप्रकाश और कुसुम के परिवारों के बीच अंतिम संस्कार को लेकर भी विरोधाभास नजर आया। कोमल और उनके बच्चों की मुखाग्नि कोमल के भांजे और परिवार के लोगों ने दी वहीं, श्रीप्रकाश के मुखाग्नि के लिए उनकी बहन के पति और परिवार के लोग आगे आए। हालांकि इस दुख की घड़ी में दोनों परिवार खड़े एक साथ जरूर आए लेकिन दोनों के दिलों के बीच की दूरियां साफ देखने को मिली।