गुरुग्राम: गर्भवती को नागरिक अस्पताल में नहीं किया गया भर्ती, ऑटो में हुआ प्रसव
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गुरुग्राम सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल मरीज के इलाज को लेकर एक बार फिर विवादों में आ गया है। सेक्टर-9 ईएसआई अस्पताल से रेफर होकर आई गर्भवती का प्रसव करवाने की बजाय महिला चिकित्सक ने उसे वापस भेज दिया। गर्भवती ऑटो से अभी घर जाने के लिए निकली ही थी कि बीच रास्ते में ही उसका प्रसव हो गया।
आनन-फानन में परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां जच्चा-बच्चा दोनों की हालत सामान्य है। इसकी शिकायत शनिवार को गर्भवती के परिजनों व आशा वर्कर ने अस्पताल प्रबंधन को दी है। हालांकि, शिकायत मौखिक तौर पर दी गई है, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल के चिकित्सकों की घोर लापरवाही ने उनकी कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक देवीलाल कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय महिला गर्भवती थी, जिसे परिजन बीते गुरुवार देर रात को सेक्टर-9 स्थित ईएसआई अस्पताल में प्रसव के लिए ले गए थे। आरोप है कि ईएसआई में चिकित्सक न होने का हवाला देते हुए उसे सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जिसके बाद परिजन गर्भवती को लेकर शुक्रवार अल सुबह सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल पहुंचे।
आरोप है कि यहां महिला चिकित्सक ने जांच के नाम पर करीब तीन घंटे तक बिठाए रखा। उसके बाद प्रसव में एक हप्ते का समय और होने की बात कहकर वापस भेज दिया। परिजनों ने रिपोर्ट के अनुसार प्रसव की तारीख से अधिक समय होने की बात कही तो महिला चिकित्सक भड़क गई और उन्हें अस्पताल से भेज दिया।
इस दौरान गर्भवती को ऑटो से परिजन वापस घर ले जाने लगे तो बीच रास्ते में ही गर्भवती को प्रसव पीड़ा हुई और उसने एक बच्ची को जन्म दिया। इस पर परिजन उसे वापस नागरिक अस्पताल में ले जाने के बजाय निजी अस्पताल ले गए, जहां दोनों को भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत सामान्य है। चिकित्सक की लापरवाही को लेकर शनिवार को परिजन आशा वर्कर के साथ नागरिक अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन से इसकी मौखिक शिकायत की।
इस मामले को लेकर सीएमओ गुरुग्राम जसवंत सिंह पूनिया ने कहा कि यह मेरे संज्ञान में नहीं है। अस्पताल की पीएमओ से इसकी जानकारी ली जा रही है। मरीजों का बेहतर इलाज स्वास्थ विभाग की प्राथमिकता है। पीएमओ को व्यवस्थाएं सुधारने का निर्देश दे रहे हैं।