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गुरुग्राम: कोविड अस्पताल में तोड़फोड़ कर जबरन हटाया
Fri, 04 Jun 2021 12:34 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 04 Jun 2021 12:34 PM IST
सार
- जमीन मालकिन और उसके साथियों ने टेंट और पर्दे फाड़े, हवाई फायरिंग का भी आरोप
- सेक्टर-61 में हेमकुंड संस्था द्वारा किराये की जमीन पर चलाया जा रहा था, केस दर्ज
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सेक्टर-61 में हेमकुंड संस्था द्वारा चलाए जा रहे कोविड अस्पताल में बृहस्पतिवार को जमीन मालकिन और उसके साथियों ने तोड़फोड़ कर सारा सामान हटा दिया। आरोप है कि दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई। पुलिस ने संस्था के अध्यक्ष जतिंद्र पाल सिंह की शिकायत पर जमीन मालकिन बबली समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हेमकुंड संस्था के अध्यक्ष जतिंद्र पाल सिंह ने बताया कि सेक्टर-61 में 500 बेड का कोविड अस्पताल बनाया था। यहां मरीजों के लिए ऑक्सीजन भी दी जा रही थी। जमीन मालिक बबली को दो महीने के लिए किराये के तौर पर ढाई लाख रुपये भी दिए थे। पिछले कुछ समय से मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। बृहस्पतिवार सुबह बबली व उनके साथियों ने अस्पताल को हटाने के लिए कहा। इसके लिए थोड़ा समय मांगा तो उन्होंने इनकार करते हुए अस्पताल के टेंट, पर्दे फाड़ने शुरू कर दिए और बेड तोड़ दिए। सूचना पर एसडीएम सतीश यादव मौके पर पहुंचे।
बबली ने एसडीएम तथा अन्य को बताया कि अब यहां कोरोना संक्रमित मरीज नहीं आ रहे थे। संस्था इस जमीन को वेयर हाउस की तरह इस्तेमाल कर रही थी। अस्पताल हटाने के लिए समय दिया था। संस्था से रुपये किराये के तौर पर नहीं लिए थे, बल्कि उन रुपयों से अस्पताल में ही व्यवस्था कर दी थी। उधर, हेमकुंड संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि अब यहां कोरोना मरीज घंटे-दो घंटे के लिए आ रहे थे। ऑक्सीजन व जरूरी दवाएं लेकर चले जाते थे। गनीमत रही कि बृहस्पतिवार सुबह मरीज नहीं थे। पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने बताया कि बबली व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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हेमकुंड संस्था के अध्यक्ष जतिंद्र पाल सिंह ने बताया कि सेक्टर-61 में 500 बेड का कोविड अस्पताल बनाया था। यहां मरीजों के लिए ऑक्सीजन भी दी जा रही थी। जमीन मालिक बबली को दो महीने के लिए किराये के तौर पर ढाई लाख रुपये भी दिए थे। पिछले कुछ समय से मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। बृहस्पतिवार सुबह बबली व उनके साथियों ने अस्पताल को हटाने के लिए कहा। इसके लिए थोड़ा समय मांगा तो उन्होंने इनकार करते हुए अस्पताल के टेंट, पर्दे फाड़ने शुरू कर दिए और बेड तोड़ दिए। सूचना पर एसडीएम सतीश यादव मौके पर पहुंचे।
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बबली ने एसडीएम तथा अन्य को बताया कि अब यहां कोरोना संक्रमित मरीज नहीं आ रहे थे। संस्था इस जमीन को वेयर हाउस की तरह इस्तेमाल कर रही थी। अस्पताल हटाने के लिए समय दिया था। संस्था से रुपये किराये के तौर पर नहीं लिए थे, बल्कि उन रुपयों से अस्पताल में ही व्यवस्था कर दी थी। उधर, हेमकुंड संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि अब यहां कोरोना मरीज घंटे-दो घंटे के लिए आ रहे थे। ऑक्सीजन व जरूरी दवाएं लेकर चले जाते थे। गनीमत रही कि बृहस्पतिवार सुबह मरीज नहीं थे। पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने बताया कि बबली व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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