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Gurugram News: बरसाती पानी की निकासी की फिजिबिलिटी स्टडी के लिए दो एजेंसियां दौड़ में
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- गुरुग्राम-सोहना-नूंह-पलवल ड्रेन का खाका तैयार होगा, मंजूरी के लिए सरकार को भेजी फाइल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम-सोहना-नूंह-पलवल बरसाती नाले की फिजिबिलिटी स्टडी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए दो एजेंसियां सामने आई हैं। प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद इनमें से किसी एक कंपनी को यह कार्य सौंपा जाएगा।बारिश के दिनों में शहर में जलभराव की गंभीर समस्या रहती है। ऐसे में बरसाती पानी की निकासी के लिए नजफगढ़ ड्रेन के साथ अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। प्रदेश सरकार बरसाती पानी को दो चैनलों में बांटने की योजना बना रही है। इसके तहत गुरुग्राम-नूंह-पलवल तक नई ड्रेन बनाने की योजना है।
इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कई बैठकें हो चुकी हैं और अब इसका पूरा खाका तैयार कराने की तैयारी है। इसके लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) कंसल्टेंट नियुक्त करेगा। योजना के अनुसार शहर के बरसाती पानी को नूंह और पलवल होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा से आगे यमुना नदी तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर तैयार करने के तहत सर्वे, अध्ययन और जांच का कार्य किया जाना है।
जीएमडीए के एसई सुधीर रंसीवाल ने बताया कि गुरुग्राम-सोहना-पलवल ड्रेन परियोजना के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया जाना है। इसके लिए टेंडर जारी किया गया था। दो एजेंसियों का चयन कर उनकी फाइल प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेजी गई है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद एजेंसी नई ड्रेन के निर्माण का खाका तैयार करेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम-सोहना-नूंह-पलवल बरसाती नाले की फिजिबिलिटी स्टडी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए दो एजेंसियां सामने आई हैं। प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद इनमें से किसी एक कंपनी को यह कार्य सौंपा जाएगा।बारिश के दिनों में शहर में जलभराव की गंभीर समस्या रहती है। ऐसे में बरसाती पानी की निकासी के लिए नजफगढ़ ड्रेन के साथ अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। प्रदेश सरकार बरसाती पानी को दो चैनलों में बांटने की योजना बना रही है। इसके तहत गुरुग्राम-नूंह-पलवल तक नई ड्रेन बनाने की योजना है।
इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कई बैठकें हो चुकी हैं और अब इसका पूरा खाका तैयार कराने की तैयारी है। इसके लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) कंसल्टेंट नियुक्त करेगा। योजना के अनुसार शहर के बरसाती पानी को नूंह और पलवल होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा से आगे यमुना नदी तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर तैयार करने के तहत सर्वे, अध्ययन और जांच का कार्य किया जाना है।
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जीएमडीए के एसई सुधीर रंसीवाल ने बताया कि गुरुग्राम-सोहना-पलवल ड्रेन परियोजना के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया जाना है। इसके लिए टेंडर जारी किया गया था। दो एजेंसियों का चयन कर उनकी फाइल प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेजी गई है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद एजेंसी नई ड्रेन के निर्माण का खाका तैयार करेगी।
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