{"_id":"684c6ec1ddd5258bfc0fbecc","slug":"the-story-of-every-time-the-city-is-flooded-in-the-rain-gurgaon-news-c-25-1-mwt1001-104074-2025-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: हर बार की कहानी, बरसात में शहर पानी-पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: हर बार की कहानी, बरसात में शहर पानी-पानी
Sat, 14 Jun 2025 12:02 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Sat, 14 Jun 2025 12:02 AM IST
विज्ञापन
नूंह। शहर को आने वाले बरसाती सीजन में फिर से जलभराव का सामना करना पड़ सकता है। नगरपरिषद प्रशासन द्वारा शहर में जलभराव से बचने के लिए इस बार भी अपनी तैयारियां पूरी नहीं की गई हैं। हालात ये हैं कि शहर से गुजर रहे नेशनल हाईवे-248ए के साथ नए बस स्टैंड और खेड़ला मोड़ के पास अभी से नाले ओवरफ्लो हैं और उनका पानी सर्विस रोड के साथ-साथ नेशनल हाईवे पर भरा हुआ है।
इतना ही नहीं शहर के कमोबेश सभी नाले और नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, तो सीवर लाइन भी अभी तक शुरु नहीं हुई है, ऐसे में बरसात के मौसम में शहर में जलभराव की समस्या एक बार फिर से सामने आती दिख रही है।
बता दें कि नूंह शहर जिला मुख्यालय का शहर है और यहां अनेक समस्याएं हैं। फिलहाल शहर में सबसे बड़ी समस्या बरसाती सीजन में जलभराव की है।
शहर की वाईएमडी कॉलेज, पुराना डीसी कार्यालय, वार्ड-10 और 11, वार्ड-2 में कब्रिस्तान, पलड़ी रोड के दोनों तरफ का क्षेत्र बरसात में जलमग्न हो जाता है। जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम ने शुक्रवार को पड़ताल की।
विज्ञापन
नंगली रोड के साथ बना नाला चोक : शाहपुर नंगली के लिए गए रोड के साथ बना हुआ नाला इन दिनों सफाई के अभाव में पूरी तरह से अटा हुआ है। शुक्रवार को 3:35 बजे देखा गया तो पाया कि नाले में गंदगी भरी हुई है और लंबे समय से उसकी सफाई नहीं हुई है। वार्ड-1 निवासी डाॅक्टर मकसूद अहमद, मास्टर बसरुद्दीन आदि ने बताया कि उनके वार्ड के सभी नाले और नालियों की यही स्थिति है।
बस स्टैंड के सामने जलभराव : टीम ने 3:39 बजे पाया कि एनएच-248ए पर बने नए बस स्टैंड के सामने बना हुआ नाला बिना बरसात के ही ओवरफ्लो हो रहा है। इस कारण बस स्टैंड के साथ बने सर्विस रोड पर जलभराव और कीचड़ लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। यहां रेहड़ी लगाने वाले आस मोहम्मद, दुकानदार नरेंद्र पंडित ने बताया कि हर समय पानी भरा रहने के कारण बदबू और मक्खी-मच्छर लगातार परेशान कर रहे हैं। जरा सी बारिश में नाला ओवरफ्लो होकर सड़क पर पानी भर जाता है।
खेड़ला मोड़ पर पानी : टीम 3:43 बजे खेड़ला मोड़ पर तिरंगा पार्क के सामने पहुंची तो पाया कि यहां बना नाला, सर्विस रोड पानी में डूबे हैं। हर समय पानी भरा रहने के कारण नेशनल हाईवे की सड़क टूट चुकी है तो सर्विस रोड भी पूरी तरह से खराब हो गया है। हारुण, ताहिर हुसैन ने बताया कि कई महीनों से यहां पानी लगातार जमा है।
पुराना दिल्ली अलवर रोड बढ़ाएगा समस्या : अब तक पुराने दिल्ली अलवर रोड पर काफी पानी खड़ा हो जाता था, लेकिन नगरपरिषद द्वारा उसे उठाकर बना दिया गया है। वह शहरवासियों के लिए नई समस्या बनता दिख रहा है। क्योंकि उसके ऊंचे होने से दोनों तरफ के रास्ते और गलियां नीची हो गई हैं। पुराने डीसी निवास से आगे इस रोड के दोनों तरफ नाले बनाए जा रहे हैं, लेकिन उनका काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
वहीं मुख्य बाजार में पुराने दिल्ली-अलवर रोड के दोनों तरफ के पानी निकासी के लिए कोई पुलिया भी नहीं बनाई गई है। आशंका है कि इस कारण इस बार पुरानी मंडी समेत मुख्य बाजार इस बार पूरी तरह से जलमग्न रहेगा।
पानीपत की फर्म के पास नालों की सफाई का टेंडर है। ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि जो भी काम अधूरा है, उसे तुरंत पूरा करें। ठेकेदार ने एक सप्ताह में सभी नालों की सफाई और रुके हुए नालों को खोलने का समय मांगा है। वहीं, शहर में जलभराव से बचने के लिए पब्लिक हेल्थ से तीन इंजन तथा नगरपरिषद ने तीन ट्रैक्टर हायर किए हैं, ताकि उन पर पंपसेट लगाकर पानी को मेनलाइन में फेंका जा सके और लोगों को असुविधा न हो। -संजय मनोचा, अध्यक्ष, नगर परिषद, नूंह
विज्ञापन
इतना ही नहीं शहर के कमोबेश सभी नाले और नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, तो सीवर लाइन भी अभी तक शुरु नहीं हुई है, ऐसे में बरसात के मौसम में शहर में जलभराव की समस्या एक बार फिर से सामने आती दिख रही है।
विज्ञापन
बता दें कि नूंह शहर जिला मुख्यालय का शहर है और यहां अनेक समस्याएं हैं। फिलहाल शहर में सबसे बड़ी समस्या बरसाती सीजन में जलभराव की है।
शहर की वाईएमडी कॉलेज, पुराना डीसी कार्यालय, वार्ड-10 और 11, वार्ड-2 में कब्रिस्तान, पलड़ी रोड के दोनों तरफ का क्षेत्र बरसात में जलमग्न हो जाता है। जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम ने शुक्रवार को पड़ताल की।
विज्ञापन
नंगली रोड के साथ बना नाला चोक : शाहपुर नंगली के लिए गए रोड के साथ बना हुआ नाला इन दिनों सफाई के अभाव में पूरी तरह से अटा हुआ है। शुक्रवार को 3:35 बजे देखा गया तो पाया कि नाले में गंदगी भरी हुई है और लंबे समय से उसकी सफाई नहीं हुई है। वार्ड-1 निवासी डाॅक्टर मकसूद अहमद, मास्टर बसरुद्दीन आदि ने बताया कि उनके वार्ड के सभी नाले और नालियों की यही स्थिति है।
बस स्टैंड के सामने जलभराव : टीम ने 3:39 बजे पाया कि एनएच-248ए पर बने नए बस स्टैंड के सामने बना हुआ नाला बिना बरसात के ही ओवरफ्लो हो रहा है। इस कारण बस स्टैंड के साथ बने सर्विस रोड पर जलभराव और कीचड़ लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। यहां रेहड़ी लगाने वाले आस मोहम्मद, दुकानदार नरेंद्र पंडित ने बताया कि हर समय पानी भरा रहने के कारण बदबू और मक्खी-मच्छर लगातार परेशान कर रहे हैं। जरा सी बारिश में नाला ओवरफ्लो होकर सड़क पर पानी भर जाता है।
खेड़ला मोड़ पर पानी : टीम 3:43 बजे खेड़ला मोड़ पर तिरंगा पार्क के सामने पहुंची तो पाया कि यहां बना नाला, सर्विस रोड पानी में डूबे हैं। हर समय पानी भरा रहने के कारण नेशनल हाईवे की सड़क टूट चुकी है तो सर्विस रोड भी पूरी तरह से खराब हो गया है। हारुण, ताहिर हुसैन ने बताया कि कई महीनों से यहां पानी लगातार जमा है।
पुराना दिल्ली अलवर रोड बढ़ाएगा समस्या : अब तक पुराने दिल्ली अलवर रोड पर काफी पानी खड़ा हो जाता था, लेकिन नगरपरिषद द्वारा उसे उठाकर बना दिया गया है। वह शहरवासियों के लिए नई समस्या बनता दिख रहा है। क्योंकि उसके ऊंचे होने से दोनों तरफ के रास्ते और गलियां नीची हो गई हैं। पुराने डीसी निवास से आगे इस रोड के दोनों तरफ नाले बनाए जा रहे हैं, लेकिन उनका काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
वहीं मुख्य बाजार में पुराने दिल्ली-अलवर रोड के दोनों तरफ के पानी निकासी के लिए कोई पुलिया भी नहीं बनाई गई है। आशंका है कि इस कारण इस बार पुरानी मंडी समेत मुख्य बाजार इस बार पूरी तरह से जलमग्न रहेगा।
पानीपत की फर्म के पास नालों की सफाई का टेंडर है। ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि जो भी काम अधूरा है, उसे तुरंत पूरा करें। ठेकेदार ने एक सप्ताह में सभी नालों की सफाई और रुके हुए नालों को खोलने का समय मांगा है। वहीं, शहर में जलभराव से बचने के लिए पब्लिक हेल्थ से तीन इंजन तथा नगरपरिषद ने तीन ट्रैक्टर हायर किए हैं, ताकि उन पर पंपसेट लगाकर पानी को मेनलाइन में फेंका जा सके और लोगों को असुविधा न हो। -संजय मनोचा, अध्यक्ष, नगर परिषद, नूंह