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Gurugram News: पहले दी फ्लैट की कीमत अब कंपनी ब्याज सहित देगी 19.50 लाख का मुआवजा

Sun, 17 May 2026 07:29 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2026 07:29 PM IST
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The company will now give a compensation of Rs 19.50 lakh along with interest on the price of the flat given earlier.
13 साल तक फ्लैट का कब्जा न मिलने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए हरेरा ने दिया आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। फ्लैट खरीदार को 13 साल में भी कब्जा न देने से खरीदार को हुए वित्तीय नुकसान पर लैंडमार्क कंपनी को 19.50 लाख रुपये का मुआवजा देना होगा। हरेरा ने माना कि अगर खरीदार ने कहीं पर इस राशि को निवेश किया होता तो उनकी राशि दोगुनी हो जाती। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) गुरुग्राम के निर्णायक अधिकारी राजेंद्र कुमार ने दिया है।

नई दिल्ली के रजोकरी निवासी इंद्रपाल ने प्राधिकरण में याचिका दायर की थी। इसमें बताया कि लैंडमार्क बिल्डर कंपनी की तरफ से सेक्टर-103 में विकसित की जा रही लैंडमार्क दा रेजीडेंसी में 19 जनवरी 2011 में एक फ्लैट बुक किया था। उनका कंपनी के साथ फ्लैट के लिए 43.20 लाख रुपये में करार हुआ था। कंपनी की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि 25 जनवरी 2014 को कब्जा दे दिया जाएगा। उन्होंने करार में तय हुई राशि की 45 प्रतिशत राशि 19.49 लाख रुपये कंपनी को दे दी थी लेकिन उन्हें अभी तक कब्जा नहीं मिला था।
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कंपनी की तरफ से प्राधिकरण में दलील दी गई कि कंपनी को 2020 में ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट मिल गया था। इसके बाद कंपनी ने शिकायतकर्ता को नोटिस भेजकर लंबित राशि को भरने के लिए कहा था लेकिन उनकी तरफ से राशि नहीं दी गई। इस पर 2023 में कंपनी ने उनकी यूनिट का रद कर दिया था। हरेरा के आदेश पर 19.49 लाख रुपये कंपनी ब्याज के साथ पहले ही वापस कर चुकी है। प्राधिकरण ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि अगर शिकायतकर्ता इस राशि को किसी अन्य जगह पर निवेश करता तो वह राशि करीब दोगुनी हो जाती है। ऐसे में खरीदार को हुए वित्तीय नुकसान पर कंपनी 19.50 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दें। इस राशि पर 11 प्रतिशत का ब्याज दर भी देना होगा। इस दौरान उन्हें हुई मानसिक परेशानी पर दो लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च के लिए 50 हजार रुपये देने होंगे।
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