{"_id":"6aee11493068cd0242046f05","slug":"targeting-a-100-percent-result-in-board-examinations-a-special-strategy-will-be-devised-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-106643-2026-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य, विशेष रणनीति बनेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य, विशेष रणनीति बनेगी
विज्ञापन
कमजोर बच्चों के लिए लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं, हर सप्ताह होंगी परीक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं के बेहतर परिणाम के लिए 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सितंबर और अक्तूबर में हुई प्री बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम के आधार पर स्कूलों को रेड, येलो और ग्रीन तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। इससे यह पता लगाया जाएगा कि किन स्कूलों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन कमजोर है और किन विषयों में उन्हें अधिक मदद की जरूरत है।
योजना के तहत हर विद्यार्थी का विषयवार रिकॉर्ड तैयार होगा। इसमें हर विषय में मिले अंकों की जानकारी दर्ज होगी। इसके आधार पर कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अलग से पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी। ऐसे विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगेंगी और हर हफ्ते उनकी तैयारी का आकलन किया जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
तीन श्रेणियों में बांटे जाएंगे स्कूल
निर्धारित मानकों के अनुसार 80 प्रतिशत से अधिक परिणाम वाले स्कूलों को ग्रीन, 50 से 80 प्रतिशत परिणाम वाले स्कूलों को येलो और 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों को रेड श्रेणी में रखा जाएगा। रेड श्रेणी के स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी की नियमित निगरानी होगी। इसके लिए निगरानी टीमें भी बनाई जाएंगी, जो स्कूलों का दौरा कर पढ़ाई की स्थिति का जायजा लेंगी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
पोर्टल पर दर्ज होगा हर विद्यार्थी का रिकॉर्ड
विद्यार्थियों के अंकों और विषयवार प्रदर्शन का पूरा रिकॉर्ड पोर्टल पर तैयार किया जाएगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा विद्यार्थी किस विषय में कमजोर है और उसे किस तरह की अतिरिक्त पढ़ाई की जरूरत है। विभाग का लक्ष्य है कि बोर्ड परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की तैयारी बेहतर हो और सरकारी स्कूलों का परिणाम 100 प्रतिशत तक पहुंचाया जा सके।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं के बेहतर परिणाम के लिए 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सितंबर और अक्तूबर में हुई प्री बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम के आधार पर स्कूलों को रेड, येलो और ग्रीन तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। इससे यह पता लगाया जाएगा कि किन स्कूलों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन कमजोर है और किन विषयों में उन्हें अधिक मदद की जरूरत है।
योजना के तहत हर विद्यार्थी का विषयवार रिकॉर्ड तैयार होगा। इसमें हर विषय में मिले अंकों की जानकारी दर्ज होगी। इसके आधार पर कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अलग से पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी। ऐसे विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगेंगी और हर हफ्ते उनकी तैयारी का आकलन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन श्रेणियों में बांटे जाएंगे स्कूल
निर्धारित मानकों के अनुसार 80 प्रतिशत से अधिक परिणाम वाले स्कूलों को ग्रीन, 50 से 80 प्रतिशत परिणाम वाले स्कूलों को येलो और 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों को रेड श्रेणी में रखा जाएगा। रेड श्रेणी के स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी की नियमित निगरानी होगी। इसके लिए निगरानी टीमें भी बनाई जाएंगी, जो स्कूलों का दौरा कर पढ़ाई की स्थिति का जायजा लेंगी।
पोर्टल पर दर्ज होगा हर विद्यार्थी का रिकॉर्ड
विद्यार्थियों के अंकों और विषयवार प्रदर्शन का पूरा रिकॉर्ड पोर्टल पर तैयार किया जाएगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा विद्यार्थी किस विषय में कमजोर है और उसे किस तरह की अतिरिक्त पढ़ाई की जरूरत है। विभाग का लक्ष्य है कि बोर्ड परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की तैयारी बेहतर हो और सरकारी स्कूलों का परिणाम 100 प्रतिशत तक पहुंचाया जा सके।