{"_id":"6489ed2832625032920b77d6","slug":"smart-signal-installation-work-started-at-91-places-in-the-city-work-allotted-gurgaon-news-c-24-1-noi1094-7452-2023-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: शहर में 91 जगहों स्मार्ट सिग्नल लगाने का काम शुरू, कार्य आवंटित किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: शहर में 91 जगहों स्मार्ट सिग्नल लगाने का काम शुरू, कार्य आवंटित किया
विज्ञापन
ट्रैफिक के प्रवाह में सुधार और आवागमन में होगी आसानी
शहर में 91 जगहों स्मार्ट सिग्नल लगाने का काम शुरू, जीएमडीए कार्य आवंटित किया
वाहनों की संख्या के मुताबिक ग्रीन लाइट का समय कम या अधिक अपने आप तय होगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने के लिए व यातायात के दबाव के मुताबिक सिग्नल प्रणाली संचालित करने के लिए शहर में 91 स्थानों पर स्मार्ट सिग्नल लगाने का काम शुरू हो गया। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने कार्य का आवंटन कर दिया है। यह काम छह माह में काम पूरा होना है। इन 91 स्थानों पर वर्तमान में पुरानी प्रणाली के सिग्नल चल रहे हैं।
12.45 करोड़ की नई यातायात नियंत्रण प्रणाली (एटीसीएस) के लगने से शहर में ट्रैफिक के प्रवाह में सुधार और लोगों के आवागमन में आसानी होगी। यह ट्रैफिक की भीड़ को भी कम करेगा। प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि मौजूदा समय में प्रत्येक ट्रैफिक लाइट का समय पहले से निर्धारित है। सड़क पर यातायात अधिक या कम के अनुसार नहीं है। स्मार्ट सिग्नल प्रोजेक्ट के तहत इन ट्रैफिक लाइटों को वाहन डिटेक्टर कैमरे से लगाया जाएगा, जो इन स्मार्ट सिग्नलों को चौराहों पर यातायात के प्रवाह को मापने में सक्षम करेगा। इसी के अनुसार जंक्शन पर यातायात प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए सिग्नल के समय को समायोजित करेगा। इससे ट्रैफिक जाम और लंबे समय तक प्रतीक्षा समय में और कमी आएगी। मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत भी करीब करीब समाप्त हो जाएगी।
-- -
क्या है एटीसीएस
इस तकनीक के इस्तेमाल से ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग हर लेग पर ट्रैफिक के वॉल्यूम के हिसाब से अपने आप एडजस्ट हो जाएगी। सिग्नल में लगे सेंसर एक विशेष तरफ से आने वाले ट्रैफिक की मात्रा को मापने में सक्षम होंगे और इसी के अनुसार यातायात के प्रवाह को सुनिश्चित करने, सड़क पर ट्रैफिक की भीड़ को कम करने के लिए ग्रीन लाइट की अवधि को बढ़ा देंगे।
विज्ञापन
-- -
ग्रीन कॉरिडोर बनाने की भी सुविधा होगी
ग्रीन कॉरिडोर तब होता है जब ट्रैफिक लाइट्स की एक श्रृंखला (आमतौर पर तीन या अधिक) को एक मुख्य दिशा में कई चौराहों पर लगातार यातायात प्रवाह की अनुमति देने के लिए सेट किया जाता है। स्मार्ट सिग्नल आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को प्राथमिकता देने के लिए ऐसे ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण की सुविधा प्रदान करेंगे। ट्रैफिक सिग्नल लाइट्स गूगल मैप्स द्वारा उपलब्ध कराए गए रियल टाइम डेटा पर संचालित होती हैं। ट्रैफिक सिग्नल जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से भी जुड़े होंगे।
विज्ञापन
शहर में 91 जगहों स्मार्ट सिग्नल लगाने का काम शुरू, जीएमडीए कार्य आवंटित किया
वाहनों की संख्या के मुताबिक ग्रीन लाइट का समय कम या अधिक अपने आप तय होगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने के लिए व यातायात के दबाव के मुताबिक सिग्नल प्रणाली संचालित करने के लिए शहर में 91 स्थानों पर स्मार्ट सिग्नल लगाने का काम शुरू हो गया। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने कार्य का आवंटन कर दिया है। यह काम छह माह में काम पूरा होना है। इन 91 स्थानों पर वर्तमान में पुरानी प्रणाली के सिग्नल चल रहे हैं।
12.45 करोड़ की नई यातायात नियंत्रण प्रणाली (एटीसीएस) के लगने से शहर में ट्रैफिक के प्रवाह में सुधार और लोगों के आवागमन में आसानी होगी। यह ट्रैफिक की भीड़ को भी कम करेगा। प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि मौजूदा समय में प्रत्येक ट्रैफिक लाइट का समय पहले से निर्धारित है। सड़क पर यातायात अधिक या कम के अनुसार नहीं है। स्मार्ट सिग्नल प्रोजेक्ट के तहत इन ट्रैफिक लाइटों को वाहन डिटेक्टर कैमरे से लगाया जाएगा, जो इन स्मार्ट सिग्नलों को चौराहों पर यातायात के प्रवाह को मापने में सक्षम करेगा। इसी के अनुसार जंक्शन पर यातायात प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए सिग्नल के समय को समायोजित करेगा। इससे ट्रैफिक जाम और लंबे समय तक प्रतीक्षा समय में और कमी आएगी। मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत भी करीब करीब समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन
क्या है एटीसीएस
इस तकनीक के इस्तेमाल से ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग हर लेग पर ट्रैफिक के वॉल्यूम के हिसाब से अपने आप एडजस्ट हो जाएगी। सिग्नल में लगे सेंसर एक विशेष तरफ से आने वाले ट्रैफिक की मात्रा को मापने में सक्षम होंगे और इसी के अनुसार यातायात के प्रवाह को सुनिश्चित करने, सड़क पर ट्रैफिक की भीड़ को कम करने के लिए ग्रीन लाइट की अवधि को बढ़ा देंगे।
विज्ञापन
ग्रीन कॉरिडोर बनाने की भी सुविधा होगी
ग्रीन कॉरिडोर तब होता है जब ट्रैफिक लाइट्स की एक श्रृंखला (आमतौर पर तीन या अधिक) को एक मुख्य दिशा में कई चौराहों पर लगातार यातायात प्रवाह की अनुमति देने के लिए सेट किया जाता है। स्मार्ट सिग्नल आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को प्राथमिकता देने के लिए ऐसे ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण की सुविधा प्रदान करेंगे। ट्रैफिक सिग्नल लाइट्स गूगल मैप्स द्वारा उपलब्ध कराए गए रियल टाइम डेटा पर संचालित होती हैं। ट्रैफिक सिग्नल जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से भी जुड़े होंगे।