{"_id":"6a7f67c7848e201aeb071b15","slug":"sewage-treatment-system-to-be-strengthened-plans-to-set-up-three-new-stps-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-97780-2026-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: सीवेज शोधन व्यवस्था होगी मजबूत, तीन नए एसटीपी लगाने की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: सीवेज शोधन व्यवस्था होगी मजबूत, तीन नए एसटीपी लगाने की योजना
विज्ञापन
यमुना एक्शन प्लान के तहत घरेलू गंदे पानी को किया जाएगा शत-प्रतिशत शोधित
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। यमुना एक्शन प्लान के तहत गुरुग्राम में घरेलू गंदे पानी को शत-प्रतिशत शोधित करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) तीन नए सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) लगाने की योजना पर काम कर रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में लगने वाले इन संयंत्रों से सीवेज का शोधन करने के बाद ही पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी।
शहर में फिलहाल सीवेज शोधन की पर्याप्त क्षमता नहीं होने के कारण जीएमडीए नए संयंत्र स्थापित करने के साथ मौजूदा एसटीपी का विस्तार कर रहा है। पुराने शहर के सीवेज के शोधन के लिए धनवापुर और बेहरामपुर एसटीपी प्रमुख हैं। जीएमडीए के अनुसार धनवापुर एसटीपी की क्षमता 218 एमएलडी और बेहरामपुर एसटीपी की क्षमता 170 एमएलडी है। दोनों संयंत्रों में प्रतिदिन करीब 388 एमएलडी सीवेज का शोधन किया जा रहा है।
धनवापुर एसटीपी में 100 एमएलडी क्षमता का नया संयंत्र स्थापित किया जाना है। इसके लिए टेंडर संबंधी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं, सेक्टर-107 में 100 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया है। इस संयंत्र के माध्यम से सेक्टर-81 से 115 तक के क्षेत्रों के सीवेज को चरणबद्ध तरीके से शोधित किया जाएगा। इसके अलावा नौरंगपुर में 40 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाना प्रस्तावित है। करीब 95 करोड़ रुपये की इस योजना के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। नौरंगपुर एसटीपी से सेक्टर-77 से 80 तक के क्षेत्रों की सीवेज शोधन जरूरतें पूरी की जाएंगी। जीएमडीए अधिकारियों के अनुसार गुरुग्राम विकास योजना-2031 में भविष्य की आबादी और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए सीवेज शोधन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। नए एसटीपी बनने से सीवेज का बेहतर तरीके से शोधन होगा और बिना शोधित गंदे पानी के जलस्रोतों में जाने की संभावना कम होगी।
विज्ञापन
तीन एसटीपी लगाने की योजना पर काम चल रहा है। जीएमडीए का प्रयास है कि इनका निर्माण जल्द शुरू हो। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। नए सीवर शोधन संयंत्र स्थापित होने से गंदे पानी को शोधित करने में काफी मदद मिलेगी।
- हेमंत कुमार, मुख्य अभियंता, जीएमडीए
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। यमुना एक्शन प्लान के तहत गुरुग्राम में घरेलू गंदे पानी को शत-प्रतिशत शोधित करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) तीन नए सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) लगाने की योजना पर काम कर रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में लगने वाले इन संयंत्रों से सीवेज का शोधन करने के बाद ही पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी।
शहर में फिलहाल सीवेज शोधन की पर्याप्त क्षमता नहीं होने के कारण जीएमडीए नए संयंत्र स्थापित करने के साथ मौजूदा एसटीपी का विस्तार कर रहा है। पुराने शहर के सीवेज के शोधन के लिए धनवापुर और बेहरामपुर एसटीपी प्रमुख हैं। जीएमडीए के अनुसार धनवापुर एसटीपी की क्षमता 218 एमएलडी और बेहरामपुर एसटीपी की क्षमता 170 एमएलडी है। दोनों संयंत्रों में प्रतिदिन करीब 388 एमएलडी सीवेज का शोधन किया जा रहा है।
विज्ञापन
धनवापुर एसटीपी में 100 एमएलडी क्षमता का नया संयंत्र स्थापित किया जाना है। इसके लिए टेंडर संबंधी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं, सेक्टर-107 में 100 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया है। इस संयंत्र के माध्यम से सेक्टर-81 से 115 तक के क्षेत्रों के सीवेज को चरणबद्ध तरीके से शोधित किया जाएगा। इसके अलावा नौरंगपुर में 40 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाना प्रस्तावित है। करीब 95 करोड़ रुपये की इस योजना के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। नौरंगपुर एसटीपी से सेक्टर-77 से 80 तक के क्षेत्रों की सीवेज शोधन जरूरतें पूरी की जाएंगी। जीएमडीए अधिकारियों के अनुसार गुरुग्राम विकास योजना-2031 में भविष्य की आबादी और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए सीवेज शोधन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। नए एसटीपी बनने से सीवेज का बेहतर तरीके से शोधन होगा और बिना शोधित गंदे पानी के जलस्रोतों में जाने की संभावना कम होगी।
विज्ञापन
तीन एसटीपी लगाने की योजना पर काम चल रहा है। जीएमडीए का प्रयास है कि इनका निर्माण जल्द शुरू हो। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। नए सीवर शोधन संयंत्र स्थापित होने से गंदे पानी को शोधित करने में काफी मदद मिलेगी।
- हेमंत कुमार, मुख्य अभियंता, जीएमडीए