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Gurugram News: सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा पर होगा आकलन
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नगर निगम और सेफ्टीपिन इंडिया फाउंडेशन के बीच समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित, सुलभ और समावेशी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम (एमसीजी) और सेफ्टीपिन इंडिया फाउंडेशन (एसआईएफ) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा और पहुंच के आधार पर आकलन करेंगी और सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार करेंगी।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया की मौजूदगी में नगर निगम की ओर से अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका और सेफ्टीपिन इंडिया फाउंडेशन की सह-संस्थापक और सीईओ डॉ. कल्पना विश्वनाथ ने समझौते का प्रतिनिधित्व किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के लिए शहर के सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित और उपयोगी बनाना है।
बुनियादी सुविधाओं का होगा आकलन
समझौते के तहत बस स्टॉप, मेट्रो स्टेशन, सार्वजनिक शौचालय और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों की सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पहुंच और बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा। सेफ्टीपिन की विशेषज्ञ टीम सर्वे और डेटा संग्रह कर रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर सुधार के सुझाव दिए जाएंगे। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि इस पहल से शहरी योजना और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्राप्त होगा। इस अवसर पर अतिरिक्त निगमायुक्त रविंद्र यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश कुमार और एसआईएफ की प्रोग्राम डायरेक्टर सोनाली व्यास भी उपस्थित रहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित, सुलभ और समावेशी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम (एमसीजी) और सेफ्टीपिन इंडिया फाउंडेशन (एसआईएफ) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा और पहुंच के आधार पर आकलन करेंगी और सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार करेंगी।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया की मौजूदगी में नगर निगम की ओर से अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका और सेफ्टीपिन इंडिया फाउंडेशन की सह-संस्थापक और सीईओ डॉ. कल्पना विश्वनाथ ने समझौते का प्रतिनिधित्व किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के लिए शहर के सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित और उपयोगी बनाना है।
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बुनियादी सुविधाओं का होगा आकलन
समझौते के तहत बस स्टॉप, मेट्रो स्टेशन, सार्वजनिक शौचालय और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों की सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पहुंच और बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा। सेफ्टीपिन की विशेषज्ञ टीम सर्वे और डेटा संग्रह कर रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर सुधार के सुझाव दिए जाएंगे। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि इस पहल से शहरी योजना और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्राप्त होगा। इस अवसर पर अतिरिक्त निगमायुक्त रविंद्र यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश कुमार और एसआईएफ की प्रोग्राम डायरेक्टर सोनाली व्यास भी उपस्थित रहीं।
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