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Gurugram News: ताशी समूह की 386 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा
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ताशी समूह की 386 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा
ईडी ने दिल्ली-एनसीआर में सात जगहों पर मारे छापे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार और बृहस्पतिवार को ताशी लैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और संबंधित कंपनियों के खिलाफ धन शोधन जांच के तहत तलाशी अभियान चलाया है। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में सात परिसरों पर छापे मारे गए। जांच में घर खरीदारों और निवेशकों से लगभग 386 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। इसके अतिरिक्त, 22 लाख रुपये की बकाया राशि वाले बैंक खाते और सावधि जमा रसीदें फ्रीज की गईं। एक लग्जरी कार को भी जब्त किया गया है। ईडी ने यह जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी और आरोप पत्रों के आधार पर शुरू की है।
ये मामले गुरुग्राम के ताशी कैपिटल गेटवे और ओरियन गैलेक्सी परियोजनाओं में घर खरीदारों/निवेशकों से धोखाधड़ी से संबंधित हैं। जांच से पता चला है कि ताशी समूह ने 600 से अधिक घर खरीदारों से लगभग 386 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। समूह ने 10-15 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें कब्जा नहीं दिया है। समूह ने निवेशक कोष से लगभग 120 करोड़ रुपये का गबन भी किया। इसमें स्वामीह निवेश कोष का 98 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। घर खरीदारों से एकत्र की गई और वित्तीय सुविधाओं से प्राप्त बड़ी रकम को समूह की कंपनियों और प्रमोटर-नियंत्रित संस्थाओं के बीच स्थानांतरित किया गया। धन के प्रवाह, अंतर-कंपनी लेनदेन और परियोजना-वार धन के उपयोग की जांच की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य प्रमोटर काशी नाथ शुक्ला के परिवार के सदस्य कथित तौर पर विदेश में बस गए हैं। उन्होंने पिछले 5-10 वर्षों में भारत में अपनी काफी संपत्ति बेच दी है। परिवार के सदस्यों के नाम पर विदेशी कंपनियों/संस्थाओं में बड़ा निवेश किया गया है। इसमें ब्रिटेन में एक वृद्धाश्रम का संचालन भी शामिल है। उनके एक परिवार सदस्य ने निवेश मार्ग से सेंट किट्स की नागरिकता के लिए आवेदन किया है।
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ईडी ने दिल्ली-एनसीआर में सात जगहों पर मारे छापे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार और बृहस्पतिवार को ताशी लैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और संबंधित कंपनियों के खिलाफ धन शोधन जांच के तहत तलाशी अभियान चलाया है। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में सात परिसरों पर छापे मारे गए। जांच में घर खरीदारों और निवेशकों से लगभग 386 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। इसके अतिरिक्त, 22 लाख रुपये की बकाया राशि वाले बैंक खाते और सावधि जमा रसीदें फ्रीज की गईं। एक लग्जरी कार को भी जब्त किया गया है। ईडी ने यह जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी और आरोप पत्रों के आधार पर शुरू की है।
ये मामले गुरुग्राम के ताशी कैपिटल गेटवे और ओरियन गैलेक्सी परियोजनाओं में घर खरीदारों/निवेशकों से धोखाधड़ी से संबंधित हैं। जांच से पता चला है कि ताशी समूह ने 600 से अधिक घर खरीदारों से लगभग 386 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। समूह ने 10-15 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें कब्जा नहीं दिया है। समूह ने निवेशक कोष से लगभग 120 करोड़ रुपये का गबन भी किया। इसमें स्वामीह निवेश कोष का 98 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। घर खरीदारों से एकत्र की गई और वित्तीय सुविधाओं से प्राप्त बड़ी रकम को समूह की कंपनियों और प्रमोटर-नियंत्रित संस्थाओं के बीच स्थानांतरित किया गया। धन के प्रवाह, अंतर-कंपनी लेनदेन और परियोजना-वार धन के उपयोग की जांच की जा रही है।
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जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य प्रमोटर काशी नाथ शुक्ला के परिवार के सदस्य कथित तौर पर विदेश में बस गए हैं। उन्होंने पिछले 5-10 वर्षों में भारत में अपनी काफी संपत्ति बेच दी है। परिवार के सदस्यों के नाम पर विदेशी कंपनियों/संस्थाओं में बड़ा निवेश किया गया है। इसमें ब्रिटेन में एक वृद्धाश्रम का संचालन भी शामिल है। उनके एक परिवार सदस्य ने निवेश मार्ग से सेंट किट्स की नागरिकता के लिए आवेदन किया है।
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