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Gurugram News: सेक्टर- 55 से 56 के बीच बनाया जाएगा बरसाती नाला
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जीएमडीए की 68वीं बैठक में छाया रहा बरसात के मौसम में जलभराव का मुद्दा, ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त कराने पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मंगलवार को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से 68वीं कोर प्लानिंग सेल की बैठक आयोजित की गई।ठिठुरन भरी सर्दी की इस बैठक में अधिकारियों के बीच बरसात के दौरान शहर में होने वाले जलभराव का मुद्दा ही छाया रहा। इस बैठक में 10 एजेंडे रखे गए। इसमें ज्यादातर मुद्दे ड्रेन बनाने पर आधारित रहे। अधिकारियों ने 2024 के मॉनसून से पहले ज्यादातर ड्रेन का काम पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही सेक्टर- 55 से 56 के बीच नया बरसाती नाला बनाने के आदेश दिए। जीएमडीए सीईओ पीसी मीणा ने मौके पर ही जाकर स्थिति के अनुसार निर्णय लेने के आदेश दिए।
अगले वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ प्रबंधन उपायों से निपटने के लिए इंफ्रा-2 डिवीजन ने 2024 में मानसून के दौरान बरसाती पानी प्रबंधन के लिए मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए। बाढ़ नियंत्रण कार्यालय की स्थापना करने के साथ ही पर्याप्त लेबर और मशीनरी की व्यवस्था के लिए बैठक के दौरान योजना प्रस्तुत की गई। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके अलावा टीम को निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारी ने कहा कि अभी तक निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और अधिनस्थ जनवरी में काम पूरा करने का दम भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी झूठे वादे करने से बचे। पहले समय से निविदा जारी करें, काम शुरू करें। इसके बाद काम पूरा करने की कल्पना का वादा अधिकारियों के सामने करें।
उन्होंने कहा कि अगले साल के मानसून सीजन से पहले समय पर पर्याप्त बाढ़ की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय उपाय करें। इस बार के मानसून में भी कई निविदा समय से नहीं की गई। कई मानसून के बाद तक लंबित रही। ऐसा रवैया काम नहीं करेगा। समय से काम करने के लिए सजग रहें। बैठक में जीएमडीए और नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान विभिन्न कार्यों पर चर्चा की गई।
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सड़क विकास परियोजनाओं पर चर्चा
शहर में सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए विभिन्न सड़क विकास परियोजनाओं पर चर्चा की गई। इंफ्रा 1 डिवीजन की ओर से प्रस्तावित इफ्को चौक से महावीर चौक तक मास्टर रोड और ओल्ड रेलवे रोड से द्वारका एक्सप्रेसवे के मास्टर रोड अपग्रेड संबंधी रिपोर्ट तैयार करने के लिए सलाहकारों को लगाया गया है। इसकी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट डीपीआर दो सप्ताह के अंदर बनाकर देनी होगी। इसमें सेंट्रल वर्ज की उचित डिजाइनिंग और सर्विस रोड या पार्किंग क्षेत्र का प्रावधान भी शामिल करने के निर्देश सीईओ ने दिए।
इसके अलावा मास्टर रोड डिवाइडिंग सेक्टर 75,75ए, 76 आउटर, 75ए76 और 76,77 गुरुग्राम की विशेष मरम्मत के लिए निविदा प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए। सीईओ ने कहा कि यह महत्वपूर्ण सड़क है। यह एनएच-48 के साथ सदर्न पेरिफेरल रोड को कनेक्ट करती है। ऐसे में यहां काम तेजी से पूरा किया जाए। यहां मौजूद गड्डों को मरम्मत काम से भरने में तेजी से पूरा करना होगा।
ड्रेन के निर्माण कार्य को मंजूरी
सेक्टर 17/18 की डिवाइडिंग रोड के किनारे आरसीसी बॉक्स टाइप मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई। इंफ्रा-2 की टीम ने गुड अर्थ मॉल से सिसपाल विहार तक और आगे सोहना रोड होते हुए टिकरी गांव तक आरसीसी बॉक्स ड्रेन की हाई पावर सुपरसकर मशीन से डीसिल्टिंग का प्रस्ताव पेश किया। इसे मीटिंग के दौरान जीएमडीए प्रमुख पीसी मीणा ने मंजूरी दे दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मंगलवार को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से 68वीं कोर प्लानिंग सेल की बैठक आयोजित की गई।ठिठुरन भरी सर्दी की इस बैठक में अधिकारियों के बीच बरसात के दौरान शहर में होने वाले जलभराव का मुद्दा ही छाया रहा। इस बैठक में 10 एजेंडे रखे गए। इसमें ज्यादातर मुद्दे ड्रेन बनाने पर आधारित रहे। अधिकारियों ने 2024 के मॉनसून से पहले ज्यादातर ड्रेन का काम पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही सेक्टर- 55 से 56 के बीच नया बरसाती नाला बनाने के आदेश दिए। जीएमडीए सीईओ पीसी मीणा ने मौके पर ही जाकर स्थिति के अनुसार निर्णय लेने के आदेश दिए।
अगले वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ प्रबंधन उपायों से निपटने के लिए इंफ्रा-2 डिवीजन ने 2024 में मानसून के दौरान बरसाती पानी प्रबंधन के लिए मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए। बाढ़ नियंत्रण कार्यालय की स्थापना करने के साथ ही पर्याप्त लेबर और मशीनरी की व्यवस्था के लिए बैठक के दौरान योजना प्रस्तुत की गई। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके अलावा टीम को निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारी ने कहा कि अभी तक निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और अधिनस्थ जनवरी में काम पूरा करने का दम भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी झूठे वादे करने से बचे। पहले समय से निविदा जारी करें, काम शुरू करें। इसके बाद काम पूरा करने की कल्पना का वादा अधिकारियों के सामने करें।
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उन्होंने कहा कि अगले साल के मानसून सीजन से पहले समय पर पर्याप्त बाढ़ की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय उपाय करें। इस बार के मानसून में भी कई निविदा समय से नहीं की गई। कई मानसून के बाद तक लंबित रही। ऐसा रवैया काम नहीं करेगा। समय से काम करने के लिए सजग रहें। बैठक में जीएमडीए और नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान विभिन्न कार्यों पर चर्चा की गई।
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सड़क विकास परियोजनाओं पर चर्चा
शहर में सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए विभिन्न सड़क विकास परियोजनाओं पर चर्चा की गई। इंफ्रा 1 डिवीजन की ओर से प्रस्तावित इफ्को चौक से महावीर चौक तक मास्टर रोड और ओल्ड रेलवे रोड से द्वारका एक्सप्रेसवे के मास्टर रोड अपग्रेड संबंधी रिपोर्ट तैयार करने के लिए सलाहकारों को लगाया गया है। इसकी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट डीपीआर दो सप्ताह के अंदर बनाकर देनी होगी। इसमें सेंट्रल वर्ज की उचित डिजाइनिंग और सर्विस रोड या पार्किंग क्षेत्र का प्रावधान भी शामिल करने के निर्देश सीईओ ने दिए।
इसके अलावा मास्टर रोड डिवाइडिंग सेक्टर 75,75ए, 76 आउटर, 75ए76 और 76,77 गुरुग्राम की विशेष मरम्मत के लिए निविदा प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए। सीईओ ने कहा कि यह महत्वपूर्ण सड़क है। यह एनएच-48 के साथ सदर्न पेरिफेरल रोड को कनेक्ट करती है। ऐसे में यहां काम तेजी से पूरा किया जाए। यहां मौजूद गड्डों को मरम्मत काम से भरने में तेजी से पूरा करना होगा।
ड्रेन के निर्माण कार्य को मंजूरी
सेक्टर 17/18 की डिवाइडिंग रोड के किनारे आरसीसी बॉक्स टाइप मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई। इंफ्रा-2 की टीम ने गुड अर्थ मॉल से सिसपाल विहार तक और आगे सोहना रोड होते हुए टिकरी गांव तक आरसीसी बॉक्स ड्रेन की हाई पावर सुपरसकर मशीन से डीसिल्टिंग का प्रस्ताव पेश किया। इसे मीटिंग के दौरान जीएमडीए प्रमुख पीसी मीणा ने मंजूरी दे दी।