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नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध की आग पहुंची गुरुग्राम
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गुरुग्राम के सेक्टर-29 लेजर वैली पार्क की पार्किंग में नागरिक संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन ?
- फोटो : Gurgaon
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन
गुरुग्राम। नागरिकता संशोधन कानून की आंच दिल्ली, मेवात के बाद अब गुरुग्राम पहुंच गई है। विधेयक के विरोध में शनिवार को दिल्ली, मेवात और गुरुग्राम से हजारों की संख्या में लोग सेक्टर-29 स्थित लेजरवैली पार्क की पार्किंग में एकत्र हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने विधेयक की प्रतियां फाड़कर अपना विरोध दर्ज करवाते हुए इन प्रतियों को राष्ट्रपति को भेजा।
शनिवार को गुड़गांव नागरिक एकता मंच ने सांझी विरासत-सांझी नागरिकता के बैनर तले नागरिकता संशोधन कानून के बैनर तले एकत्र हुए। यहां जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्र, प्रोफेसर सहित दिल्ली में विरोध कर रहे लोग, गुरुग्राम व मेवात से लोग शामिल हुए। प्रदर्शन में नूंह विधायक आफताब अहमद भी शामिल हुए, लेकिन वह चंद मिनट रुकने के बाद बिना भाषण दिए चले गए। प्रदर्शन के दौरान यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन में पहुंचे राहुल रॉय, हाजी शहजाद खान समेत अन्य ने बताया कि वह काले कानून के विरोध में यहां एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा हिंदुस्तान के कानून को पहली बार धर्म से जोड़ा गया है। भारत के लोगों को जब यह संविधान दिया था तो उस वक्त यह प्रण किया था कि हम नागरिकता को धर्म के साथ नहीं जोड़ेंगे। यह काला कानून इस प्रण को तोड़ता है। नागरिकता को धर्म से जोड़ते हैं तो यह सिलसिला यहां नहीं रुकेगा और पूरे हिंदुस्तान के टुकड़े-टुकड़े कर देगा। प्रदर्शन करने वाले लोगों ने इस कानून को रद्द करने की मांग की है।
दोपहर करीब 12 बजे से प्रदर्शनकारी जुटने लगे थे। देखते ही देखते यहां हजारों की संख्या में लोग एकजुट हो गए। हाजी शहजाद खान के मुताबिक, करीब 50 फीसदी प्रदर्शनकारी दिल्ली से आए थे। प्रदर्शनकारियों की हजारों में संख्या देखकर पुलिस के हाथपांव फूल गए। देखते ही देखते मौके पर भारी पुलिसबल पहुंच गया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने से पुलिस ने राहत की सांस ली। सभी ने इस कानून को रद्द करने की मांग की है। इसकी प्रतियां फाड़कर राष्ट्रपति को पोस्ट की गई हैं। इसके साथ ही ईमेल के जरिये भी अपना ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा है।
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शहर में बढ़ाई सुरक्षा
दिल्ली की आंच गुरुग्राम पहुंचने के बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर नजर रखनी शुरू कर दी है। खास तौर पर उन लोगों पर निगरानी बढ़ा दी है जो विधेयक का विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स बुलवाने की भी तैयारी कर ली है। वहीं, पुलिस ने गुरुग्राम जिले से लगती सीमाओं पर भी अपनी नजरें जमा दी हैं।
पुलिस ने चौकसी बढ़ाई
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक शहर में चौकसी बढ़ा दी गई है। थाना स्तर पर सभी को चौकस रहने के लिए कहा गया है, कहीं भी विरोध करने वाले किसी भी प्रकार से माहौल खराब न करे इस पर नजर रखी जाए। माहौल खराब करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
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गुरुग्राम। नागरिकता संशोधन कानून की आंच दिल्ली, मेवात के बाद अब गुरुग्राम पहुंच गई है। विधेयक के विरोध में शनिवार को दिल्ली, मेवात और गुरुग्राम से हजारों की संख्या में लोग सेक्टर-29 स्थित लेजरवैली पार्क की पार्किंग में एकत्र हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने विधेयक की प्रतियां फाड़कर अपना विरोध दर्ज करवाते हुए इन प्रतियों को राष्ट्रपति को भेजा।
शनिवार को गुड़गांव नागरिक एकता मंच ने सांझी विरासत-सांझी नागरिकता के बैनर तले नागरिकता संशोधन कानून के बैनर तले एकत्र हुए। यहां जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्र, प्रोफेसर सहित दिल्ली में विरोध कर रहे लोग, गुरुग्राम व मेवात से लोग शामिल हुए। प्रदर्शन में नूंह विधायक आफताब अहमद भी शामिल हुए, लेकिन वह चंद मिनट रुकने के बाद बिना भाषण दिए चले गए। प्रदर्शन के दौरान यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन में पहुंचे राहुल रॉय, हाजी शहजाद खान समेत अन्य ने बताया कि वह काले कानून के विरोध में यहां एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा हिंदुस्तान के कानून को पहली बार धर्म से जोड़ा गया है। भारत के लोगों को जब यह संविधान दिया था तो उस वक्त यह प्रण किया था कि हम नागरिकता को धर्म के साथ नहीं जोड़ेंगे। यह काला कानून इस प्रण को तोड़ता है। नागरिकता को धर्म से जोड़ते हैं तो यह सिलसिला यहां नहीं रुकेगा और पूरे हिंदुस्तान के टुकड़े-टुकड़े कर देगा। प्रदर्शन करने वाले लोगों ने इस कानून को रद्द करने की मांग की है।
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दोपहर करीब 12 बजे से प्रदर्शनकारी जुटने लगे थे। देखते ही देखते यहां हजारों की संख्या में लोग एकजुट हो गए। हाजी शहजाद खान के मुताबिक, करीब 50 फीसदी प्रदर्शनकारी दिल्ली से आए थे। प्रदर्शनकारियों की हजारों में संख्या देखकर पुलिस के हाथपांव फूल गए। देखते ही देखते मौके पर भारी पुलिसबल पहुंच गया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने से पुलिस ने राहत की सांस ली। सभी ने इस कानून को रद्द करने की मांग की है। इसकी प्रतियां फाड़कर राष्ट्रपति को पोस्ट की गई हैं। इसके साथ ही ईमेल के जरिये भी अपना ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा है।
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शहर में बढ़ाई सुरक्षा
दिल्ली की आंच गुरुग्राम पहुंचने के बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर नजर रखनी शुरू कर दी है। खास तौर पर उन लोगों पर निगरानी बढ़ा दी है जो विधेयक का विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स बुलवाने की भी तैयारी कर ली है। वहीं, पुलिस ने गुरुग्राम जिले से लगती सीमाओं पर भी अपनी नजरें जमा दी हैं।
पुलिस ने चौकसी बढ़ाई
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक शहर में चौकसी बढ़ा दी गई है। थाना स्तर पर सभी को चौकस रहने के लिए कहा गया है, कहीं भी विरोध करने वाले किसी भी प्रकार से माहौल खराब न करे इस पर नजर रखी जाए। माहौल खराब करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।