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Gurugram News: मानसून से पहले जलभराव से निजात की तैयारी
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फोटो नंबर - 26
मेयर की अध्यक्षता में निगम अधिकारियों व पार्षदों की हुई बैठक में लिया गया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानसून से पहले शहर में जलभराव से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। वार्डों में कहां-कहां जलभराव की स्थिति ज्यादा खराब है, इसकी जानकारी सभी पार्षद निगम के अफसरों को देंगे, ताकि समय से पहले समस्या के समाधान पर काम शुरू किया जा सके।
इसके अलावा शहर के विकास से जुड़ी अन्य कार्य योजनाओं पर भी काम शुरू किया जाएगा। यह निर्णय नगर निगम गुरुग्राम की बैठक में लिया गया है। इस बैठक में मेयर राजरानी मल्होत्रा समेत निगमायुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त यश जलुका व महावीर प्रसाद सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारीगण और पार्षदगण उपस्थित रहे। बैठक में यह भी तय किया गया कि मानसून से पहले जलभराव से बचाव के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। पार्षद भी अपने-अपने वार्डों में जलभराव वाले स्थानों के बारे में अवगत कराएं, ताकि वहां जीटी आदि की सफाई कराने के साथ ही अन्य प्रबंध किए जा सकें। साथ ही, विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई। नगर निगम की इस बैठक को शहर के विकास और जन सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक के दौरान पार्षदों की ओर से एक ही सवाल उठाया गया, जिसमें उनका कहना था कि सफाई व्यवस्था ठीक की जाए। उनका कहना था कि बारिश के बाद जलभराव की समस्या को ठीक किया जाए। इस बार मई के अंत तक मानसून आने के संकेत हैं जबकि यह जून के अंत में आता था। इसके अलावा बैठक में शहरी सफाई व्यवस्था, मानसून से पूर्व जलनिकासी प्रबंध, सीवरेज समस्याओं का समाधान, सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने, प्रॉपर्टी टैक्स डाटा के सुधार तथा अनधिकृत निर्माण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम अब तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को अपनाकर समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा और समस्याओं का समय पर समाधान ही निगम की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा उठान व सेग्रीगेशन एट सोर्स को बेहतर करने पर फोकस रहेगा।
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मेयर ने पार्षदों और अधिकारियों के साथ आपसी तालमेल और सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जनभागीदारी के साथ ही हम बेहतर और विकसित गुरुग्राम की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने सभी पार्षदों से मुलाकात की। उन्होंने सभी संयुक्त निगमायुक्त को आदेश दिया कि पार्षदों की ओर से आने वाली समस्या का समय सीमा के भीतर निदान किया जाए।
अब तक नहीं हुई सदन की बैठक
नगर निगम के सदन की बैठक अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। बजट को लेकर एक बैठक हुई थी। इसके अलावा निगम के पार्षदों को सदन की बैठक का इंतजार है। माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक तक सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चयन जब तक नहीं हो जाता तब तक सदन की बैठक नहीं होगी। सदन की बैठक में उनके प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी। कई बार निगम के अधिकारी की ओर से बनाए गए प्रस्ताव को मुख्यालय से मंजूरी मिलने में देर हो जाती है। ऐसे में निगम के जेई विंग के अधिकारियों को कहा गया है कि वह पार्षद के साथ बैठक कर उनके क्षेत्र की समस्या को हल करने का प्रस्ताव उनके साथ तैयार करें, जिससे उसे आसानी से पास कराया जा सके।
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मेयर की अध्यक्षता में निगम अधिकारियों व पार्षदों की हुई बैठक में लिया गया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानसून से पहले शहर में जलभराव से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। वार्डों में कहां-कहां जलभराव की स्थिति ज्यादा खराब है, इसकी जानकारी सभी पार्षद निगम के अफसरों को देंगे, ताकि समय से पहले समस्या के समाधान पर काम शुरू किया जा सके।
इसके अलावा शहर के विकास से जुड़ी अन्य कार्य योजनाओं पर भी काम शुरू किया जाएगा। यह निर्णय नगर निगम गुरुग्राम की बैठक में लिया गया है। इस बैठक में मेयर राजरानी मल्होत्रा समेत निगमायुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त यश जलुका व महावीर प्रसाद सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारीगण और पार्षदगण उपस्थित रहे। बैठक में यह भी तय किया गया कि मानसून से पहले जलभराव से बचाव के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। पार्षद भी अपने-अपने वार्डों में जलभराव वाले स्थानों के बारे में अवगत कराएं, ताकि वहां जीटी आदि की सफाई कराने के साथ ही अन्य प्रबंध किए जा सकें। साथ ही, विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई। नगर निगम की इस बैठक को शहर के विकास और जन सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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बैठक के दौरान पार्षदों की ओर से एक ही सवाल उठाया गया, जिसमें उनका कहना था कि सफाई व्यवस्था ठीक की जाए। उनका कहना था कि बारिश के बाद जलभराव की समस्या को ठीक किया जाए। इस बार मई के अंत तक मानसून आने के संकेत हैं जबकि यह जून के अंत में आता था। इसके अलावा बैठक में शहरी सफाई व्यवस्था, मानसून से पूर्व जलनिकासी प्रबंध, सीवरेज समस्याओं का समाधान, सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने, प्रॉपर्टी टैक्स डाटा के सुधार तथा अनधिकृत निर्माण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम अब तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को अपनाकर समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा और समस्याओं का समय पर समाधान ही निगम की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा उठान व सेग्रीगेशन एट सोर्स को बेहतर करने पर फोकस रहेगा।
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मेयर ने पार्षदों और अधिकारियों के साथ आपसी तालमेल और सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जनभागीदारी के साथ ही हम बेहतर और विकसित गुरुग्राम की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने सभी पार्षदों से मुलाकात की। उन्होंने सभी संयुक्त निगमायुक्त को आदेश दिया कि पार्षदों की ओर से आने वाली समस्या का समय सीमा के भीतर निदान किया जाए।
अब तक नहीं हुई सदन की बैठक
नगर निगम के सदन की बैठक अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। बजट को लेकर एक बैठक हुई थी। इसके अलावा निगम के पार्षदों को सदन की बैठक का इंतजार है। माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक तक सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चयन जब तक नहीं हो जाता तब तक सदन की बैठक नहीं होगी। सदन की बैठक में उनके प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी। कई बार निगम के अधिकारी की ओर से बनाए गए प्रस्ताव को मुख्यालय से मंजूरी मिलने में देर हो जाती है। ऐसे में निगम के जेई विंग के अधिकारियों को कहा गया है कि वह पार्षद के साथ बैठक कर उनके क्षेत्र की समस्या को हल करने का प्रस्ताव उनके साथ तैयार करें, जिससे उसे आसानी से पास कराया जा सके।