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कर्नाटक की लग्जरी ट्रेन गोल्डन चैरियट का नया सीजन शुरू: पहली यात्रा में 75 पर्यटक; किन-किन सुविधाओं से लैस?

Sat, 24 Oct 2026 05:00 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 24 Oct 2026 05:00 PM IST
सार

कर्नाटक की लग्जरी पर्यटक ट्रेन गोल्डन चैरियट के 2026-27 सीजन की शुरुआत हो गई है। डीके शिवकुमार ने पहली यात्रा को रवाना किया, जिसमें 75 पर्यटक सवार हुए। ट्रेन छह दिनों में ऐतिहासिक स्थलों, जंगलों, महलों और कॉफी के बागानों की सैर कराएगी। इस सीजन में 13 यात्राएं निर्धारित हैं। लेकिन ट्रेन में कौन-सी खास सुविधाएं मिलेंगी? सरकार इससे पर्यटन और रोजगार को कैसे बढ़ाना चाहती है? आइए, विस्तार से जानते हैं...

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Karnataka Luxury Train Golden Chariot Begins 2026-27 Season with 75 Guests, Shivakumar Flags Off First Journey
कर्नाटक की शाही ट्रेन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कर्नाटक में पर्यटन को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए राज्य सरकार ने अपनी लग्जरी पर्यटक ट्रेन गोल्डन चैरियट के 2026-27 सीजन की शुरुआत कर दी है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बंगलूरू के क्रांतिवीरा संगोली रायन्ना रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसकी पहली यात्रा में 75 पर्यटक सवार हुए। सरकार का लक्ष्य इस ट्रेन के जरिए कर्नाटक की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और स्थानीय पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के यात्रियों तक पहुंचाना है।

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गोल्डन चैरियट की पहली यात्रा कहां-कहां जाएगी?
गोल्डन चैरियट की पहली यात्रा का नाम 'प्राइड ऑफ कर्नाटक' रखा गया है। यह पांच रात और छह दिन का सफर है। इस यात्रा में पर्यटक बांदीपुर, मैसूरु, हलेबीडु, चिकमगलूरू, हम्पी और गोवा की सैर करेंगे। इस यात्रा में जंगलों और वन्यजीवों से लेकर शाही महलों, ऐतिहासिक मंदिरों, कॉफी के बागानों और समुद्री तटों तक का अनुभव मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की देखभाल और सेवा के लिए ट्रेन में करीब 60 कर्मचारी तैनात रहेंगे। ट्रेन को इस तरह तैयार किया गया है कि यात्रियों को सफर के दौरान आराम के साथ अलग-अलग जगहों की खासियत जानने का मौका मिले।
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ट्रेन में यात्रियों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
गोल्डन चैरियट को खास तौर पर लग्जरी पर्यटन के लिए तैयार किया गया है। इसमें निजी यात्री केबिन, खाने-पीने के लिए विशेष डाइनिंग कार, स्पा और अन्य प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध हैं। ट्रेन के हर पड़ाव पर यात्रियों के लिए अलग अनुभव की व्यवस्था की गई है। बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीव सफारी कराई जाएगी। मैसूरु में मैसूरु पैलेस और श्रीरंगपट्टन का भ्रमण होगा। बेलूर और हलेबीडु में होयसला काल के मंदिर दिखाए जाएंगे। चिकमगलूरू में कॉफी के बागान देखने का अवसर मिलेगा, जबकि हम्पी में गाइड के साथ ऐतिहासिक स्थलों की सैर कराई जाएगी। हम्पी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
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2026-27 में गोल्डन चैरियट के कितने सफर होंगे?
इस सीजन में ट्रेन तीन अलग-अलग यात्रा कार्यक्रमों के तहत चलेगी। 'प्राइड ऑफ कर्नाटक' और 'ज्वेल्स ऑफ साउथ' दोनों पांच रात और छह दिन के होंगे। वहीं, 'ग्लिम्प्सेस ऑफ कर्नाटक' का सफर तीन रात और चार दिन का होगा। अधिकारियों के अनुसार, तीनों कार्यक्रमों के तहत कुल 13 यात्राएं निर्धारित की गई हैं। 'प्राइड ऑफ कर्नाटक' में बंगलूरू से कर्नाटक और गोवा के प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल होंगे। 'ज्वेल्स ऑफ साउथ' में मैसूरु, हम्पी, महाबलीपुरम, तंजावुर, चेट्टीनाड, कोच्चि और कुमारकोम की यात्रा कराई जाएगी। वहीं, 'ग्लिम्प्सेस ऑफ कर्नाटक' में बांदीपुर, मैसूरु और हम्पी पर ध्यान दिया जाएगा।

पर्यटन से रोजगार बढ़ाने की क्या है सरकार की योजना?
डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। राज्य में वन्यजीवों, ऐतिहासिक धरोहरों, मलनाड क्षेत्र, समुद्री तटों, मैसूरु और कोडगु जैसे कई आकर्षण हैं। सरकार का जोर पहले से लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नए पर्यटन क्षेत्रों की पहचान करने और उन्हें यात्रियों के सामने लाने पर भी है। शिवकुमार के मुताबिक, पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और लोगों के लिए रोजगार पैदा करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। ऊर्जा और पर्यटन मंत्री केजे जॉर्ज ने कहा कि गोल्डन चैरियट के जरिए वन्यजीव, शाही विरासत, विश्व धरोहर स्थल, कॉफी संस्कृति और स्थानीय मेहमाननवाजी का अनुभव एक ही यात्रा में दिया जा रहा है।


गोल्डन चैरियट को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का प्रमुख माध्यम कैसे बनाया जाएगा?
पर्यटन सचिव राम प्रसाद मनोहर ने कहा कि इस ट्रेन की खासियत इसकी लग्जरी सुविधाओं और हर पड़ाव पर मिलने वाले स्थानीय अनुभवों का मेल है। पर्यटन विभाग अब पर्यटन स्थलों पर मिलने वाली सुविधाओं, प्रचार, टिकट बुकिंग व्यवस्था और यात्रियों की सेवाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान देगा। सरकार की योजना इस ट्रेन की पहुंच बढ़ाने और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय लग्जरी पर्यटन बाजार में कर्नाटक की पहचान मजबूत करने की है। सीजन की शुरुआत के मौके पर पर्यटन विभाग, कर्नाटक राज्य पर्यटन विकास निगम, आईआरसीटीसी और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से राज्य की पर्यटन क्षमता को नया अवसर मिलेगा और स्थानीय कारोबार को भी फायदा पहुंचेगा।

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