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फसलों के मुआवजा के लिए पंचायत
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फर्रुखनगर। क्षेत्र में 19 जुलाई को हुई बारिश में नष्ट हुई फसलों के मुआवजा को लेकर रविवार को किसानों व जनप्रतिनिधियों ने पंचायत का आयोजन किया। इसके लिए कमेटी की घोषणा की और कहा कि कृषि मंत्री व अन्य नेताओं से मुलाकात की जाएगी।
समाजसेवी धर्मेंद्र यादव मुसेदपुर द्वारा बुलाई गई पंचायत में दो दर्जन गांव के किसान व प्रमुख लोग पहुंचे। मुख्य वक्ता पूर्व चेयरमैन राव मान सिंह ने कहा कि नष्ट हुई फसल के मुआवजे की मांग को लेकर कमेटी बनाई जा रही है।
गठित कमेटी धरमेंद्र मुसेदपुर की अगुवाई में विधायक, सांसद, कृषि मंत्री व अन्य मंत्रियों से मिलकर अपनी मांग रखेंगे। पंचायत में गठित कमेटी में राव मान सिंह चेयरमैन, जीतराम मास्टर डूमा, रतनलाल नम्बरदार माजरी, मीर सिंह पंच, जयबीर सैनी कारोला एवं विजेन्द्र चौधरी तिरपड़ी को शामिल किया गया। पंचायत में राजेश वर्मा पालड़ी, प्रह्लाद डाबोदा, जयओम माजरी आदि ने भी अपने विचार रखे। किसानों ने पंचायत में कहा कि उनका जीवन यापन कृषि पर निर्भर हैं, बरसात से उनकी ज्वार, बाजरा, तिल, कपास आदि की फसलें शत प्रतिशत नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा सभी के बोरवेल भी खराब हो गए हैं, जिनका खर्च प्रति बोरिंग करीब दो लाख होता है। फसल और बोरवेल का मुआवजा मिलना चाहिए। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पीड़ित किसान एकजुटता से मुद्दे उठाएंगे तो मुआवजा मिलकर रहेगा।
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समाजसेवी धर्मेंद्र यादव मुसेदपुर द्वारा बुलाई गई पंचायत में दो दर्जन गांव के किसान व प्रमुख लोग पहुंचे। मुख्य वक्ता पूर्व चेयरमैन राव मान सिंह ने कहा कि नष्ट हुई फसल के मुआवजे की मांग को लेकर कमेटी बनाई जा रही है।
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गठित कमेटी धरमेंद्र मुसेदपुर की अगुवाई में विधायक, सांसद, कृषि मंत्री व अन्य मंत्रियों से मिलकर अपनी मांग रखेंगे। पंचायत में गठित कमेटी में राव मान सिंह चेयरमैन, जीतराम मास्टर डूमा, रतनलाल नम्बरदार माजरी, मीर सिंह पंच, जयबीर सैनी कारोला एवं विजेन्द्र चौधरी तिरपड़ी को शामिल किया गया। पंचायत में राजेश वर्मा पालड़ी, प्रह्लाद डाबोदा, जयओम माजरी आदि ने भी अपने विचार रखे। किसानों ने पंचायत में कहा कि उनका जीवन यापन कृषि पर निर्भर हैं, बरसात से उनकी ज्वार, बाजरा, तिल, कपास आदि की फसलें शत प्रतिशत नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा सभी के बोरवेल भी खराब हो गए हैं, जिनका खर्च प्रति बोरिंग करीब दो लाख होता है। फसल और बोरवेल का मुआवजा मिलना चाहिए। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पीड़ित किसान एकजुटता से मुद्दे उठाएंगे तो मुआवजा मिलकर रहेगा।
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