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Gurugram News: 8-8 लाख की दो ग्लॉक और देसी पिस्टल के साथ एक गिरफ्तार
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अक्तूबर में पकड़े गए विकास नामक आरोपी को उपलब्ध कराई थी विदेशी पिस्टल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अपराध शाखा सेक्टर-40 की पुलिस ने अक्तूबर में पकड़े गए विकास नामक युवक को विदेशी पिस्टल उपलब्ध कराने वाले आरोपी अजीत को सेक्टर-40 से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से तीन पिस्टल बरामद की हैं। इनमें 8-8 लाख की दो विदेशी ग्लॉक पिस्टल (मेड इन ऑस्ट्रिया) और एक देसी पिस्टल है। आगामी कार्रवाई के लिए आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।
आरोपी अजीत चरखी दादरी के करी धारनी गांव का निवासी है। आरोपी अजीत से पूछताछ में पता चला कि उसने ही गुरुग्राम के उल्लाहवास गांव निवासी विकास को ग्लॉक पिस्टल उपलब्ध कराई थी। आरोपी अजीत से बरामद हुईं दो विदेशी ग्लॉक पिस्टल व एक देसी पिस्टल हांसी (हिसार) के एक व्यक्ति से 2.50 लाख रुपये प्रति ग्लॉक पिस्टल (कुल पांच लाख रुपये) और 25 हजार रुपये की देसी पिस्टल खरीदी थी।
आरोपी अजीत का आपराधिक रिकॉर्ड जांचने के बाद पता चला कि उस पर जान से मारने की धमकी देने व आमजन की जान जोखिम में डालने के तहत दो मामले भिवानी में दर्ज हैं। एक्साइज एक्ट व जान से मारने की धमकी देने के तहत दो मामले चरखी दादरी और हत्या करने के तहत एक मामला राजस्थान के जयपुर में पहले भी दर्ज है। पुलिस मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है।
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बता दें कि अपराध शाखा सेक्टर-40 की पुलिस ने 28 अक्तूबर को सेक्टर-45 स्थित सामुदायिक केंद्र के पास से एमबीए युवक को विदेशी ग्लॉक पिस्टल सहित काबू किया था। युवक की पहचान उल्लाहवास गांव निवासी विकास के रूप में हुई थी। विकास ने शौकिया तौर पर विदेशी पिस्टल को अपने पास रखा था। विकास से बरामद ग्लॉक पिस्टल भारत में आम नागरिकों के लिए बैन है। ऑस्ट्रिया की कंपनी ग्लॉक द्वारा निर्मित इस पिस्टल को विकास ने करीब दो माह पहले खरीदा था। शस्त्र लाइसेंस वाला आम नागरिक भी इस पिस्टल को अपने पास नहीं रख सकता क्योंकि यह प्रतिबंधित हथियार है। इसको सेना के लिए बनाया गया है।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी अजीत कुमार से पूछताछ की जा रही है कि उसने किससे विदेशी पिस्टल खरीदी थी। वह इससे पहले किन लोगों को विदेशी पिस्टल या अन्य हथियार उपलब्ध करा चुका है।
क्या है ग्लॉक पिस्टल
ऑस्ट्रिया की कंपनी ग्लॉक भारत, अमेरिका, इंग्लैंड और फ्रांस सहित 70 से अधिक देशों में सेना, पुलिस और विशेष बलों के लिए ग्लॉक हथियार बनाती है। भारत में स्पेशल फोर्सेस, पैरा कमांडो, एनएसजी को ग्लॉक पिस्टल उपयोग के लिए दी जाती है। पिस्टल का आकार इतना छोटा होता है कि इसे पर्स में भी रख सकते हैं। एक पिस्टल की कीमत करीब 8 लाख रुपये है। इसमें लेजर, स्कोप, फ्लैश लाइट जैसी कई चीजें लगाईं जाती हैं। भारत में इसका 9 गुना 19 एमएम पैरा बेलम वैरिएंट का उपयोग होता है। इसमें 9 एमएम की कोई भी गोलियां लग सकती हैं। ग्लॉक पिस्टल में 6 से लेकर 36 राउंड तक मैगजीन का उपयोग हो सकता है। भारत में इस हथियार में 17 राउंड वाली मैगजीन का उपयोग किया जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अपराध शाखा सेक्टर-40 की पुलिस ने अक्तूबर में पकड़े गए विकास नामक युवक को विदेशी पिस्टल उपलब्ध कराने वाले आरोपी अजीत को सेक्टर-40 से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से तीन पिस्टल बरामद की हैं। इनमें 8-8 लाख की दो विदेशी ग्लॉक पिस्टल (मेड इन ऑस्ट्रिया) और एक देसी पिस्टल है। आगामी कार्रवाई के लिए आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।
आरोपी अजीत चरखी दादरी के करी धारनी गांव का निवासी है। आरोपी अजीत से पूछताछ में पता चला कि उसने ही गुरुग्राम के उल्लाहवास गांव निवासी विकास को ग्लॉक पिस्टल उपलब्ध कराई थी। आरोपी अजीत से बरामद हुईं दो विदेशी ग्लॉक पिस्टल व एक देसी पिस्टल हांसी (हिसार) के एक व्यक्ति से 2.50 लाख रुपये प्रति ग्लॉक पिस्टल (कुल पांच लाख रुपये) और 25 हजार रुपये की देसी पिस्टल खरीदी थी।
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आरोपी अजीत का आपराधिक रिकॉर्ड जांचने के बाद पता चला कि उस पर जान से मारने की धमकी देने व आमजन की जान जोखिम में डालने के तहत दो मामले भिवानी में दर्ज हैं। एक्साइज एक्ट व जान से मारने की धमकी देने के तहत दो मामले चरखी दादरी और हत्या करने के तहत एक मामला राजस्थान के जयपुर में पहले भी दर्ज है। पुलिस मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है।
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बता दें कि अपराध शाखा सेक्टर-40 की पुलिस ने 28 अक्तूबर को सेक्टर-45 स्थित सामुदायिक केंद्र के पास से एमबीए युवक को विदेशी ग्लॉक पिस्टल सहित काबू किया था। युवक की पहचान उल्लाहवास गांव निवासी विकास के रूप में हुई थी। विकास ने शौकिया तौर पर विदेशी पिस्टल को अपने पास रखा था। विकास से बरामद ग्लॉक पिस्टल भारत में आम नागरिकों के लिए बैन है। ऑस्ट्रिया की कंपनी ग्लॉक द्वारा निर्मित इस पिस्टल को विकास ने करीब दो माह पहले खरीदा था। शस्त्र लाइसेंस वाला आम नागरिक भी इस पिस्टल को अपने पास नहीं रख सकता क्योंकि यह प्रतिबंधित हथियार है। इसको सेना के लिए बनाया गया है।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी अजीत कुमार से पूछताछ की जा रही है कि उसने किससे विदेशी पिस्टल खरीदी थी। वह इससे पहले किन लोगों को विदेशी पिस्टल या अन्य हथियार उपलब्ध करा चुका है।
क्या है ग्लॉक पिस्टल
ऑस्ट्रिया की कंपनी ग्लॉक भारत, अमेरिका, इंग्लैंड और फ्रांस सहित 70 से अधिक देशों में सेना, पुलिस और विशेष बलों के लिए ग्लॉक हथियार बनाती है। भारत में स्पेशल फोर्सेस, पैरा कमांडो, एनएसजी को ग्लॉक पिस्टल उपयोग के लिए दी जाती है। पिस्टल का आकार इतना छोटा होता है कि इसे पर्स में भी रख सकते हैं। एक पिस्टल की कीमत करीब 8 लाख रुपये है। इसमें लेजर, स्कोप, फ्लैश लाइट जैसी कई चीजें लगाईं जाती हैं। भारत में इसका 9 गुना 19 एमएम पैरा बेलम वैरिएंट का उपयोग होता है। इसमें 9 एमएम की कोई भी गोलियां लग सकती हैं। ग्लॉक पिस्टल में 6 से लेकर 36 राउंड तक मैगजीन का उपयोग हो सकता है। भारत में इस हथियार में 17 राउंड वाली मैगजीन का उपयोग किया जाता है।