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आइएलडी ट्रेड सेंटर में दुकान मालिकों ने किया प्रदर्शन
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सेक्टर 47 स्थित सोहना रोड पर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में बिल्डर की मनमानी को लेकर प्रदर्शन करते हुए लोग
- फोटो : Gurgaon
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गुरुग्राम। सोहना रोड पर सुभाष चौक के पास स्थित आइएलडी ट्रेड सेंटर (मॉल) में रविवार को दुकान मालिकों ने मॉल के बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने बैनर लेकर बिल्डर के खिलाफ नारे लगाए। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनसे अधिकम मेंटेनेंस चार्ज वसूला जा रहा है, लेकिन यहां हर जगह कमी ही कमी हैं। इन्हें ठीक नहीं कराया जा रहा। जब भी वह कमेटी के पास जाते हैं तो बाउंसर ही बदसलूकी कर लौटा देते हैं। पुलिस भी उनकी बात नहीं सुन रही है।
मॉल में एक दुकान के मालिक डॉ. वानी ने बताया कि यहां 200 से अधिक दुकानें हैं। दस साल पहले लोगों ने यहां सात हजार रुपये वर्ग फीट के हिसाब से दुुकानें खरीदीं थीं। प्रत्येक दुकानदार 20 रुपये प्रति वर्ग फीट के हिसाब से मेंटेनेंस चार्ज बिल्डर को देता है। इस हिसाब से उसके पास 65 लाख से ज्यादा का शुल्क जमा हो जाता है। लेकिन रखरखाव के नाम पर यहां दस लाख रुपये भी नहीं लगाए जा रहे हैं। मॉल में कई माह से लिफ्ट व एक्सेलेटर बंद पड़े हैं। तापमान अधिक रहता है। स्ट्रीट डॉग खुलेआम घूमते हैं। वहीं, बेसमेंट में जलभराव की समस्या से सीलन हो रही है। मॉल में एक लाख वर्ग फीट से ज्यादा का ऐसा क्षेत्र है जिसका खर्च तो दुकानदारों से वसूला जा रहा है, लेकिन मुनाफा बिल्डर कमा रहा है।
दुकानें बेचने पर मजबूर
प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों सुनील, कमलेश और राकेश ने बताया कि यहां इतनी महंगी दुकानें खरीदने के बाद भी वह अब इन्हें आधे दामों में बेचने को मजबूर हैं। इसका कारण यह है कि असुविधाओं के चलते मॉल में लोगों ने आना बंद कर दिया है। इससे उनका व्यापार ठप हो रहा है। इस साल अप्रैल माह में यहां का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट न चलने की वजह से प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने मॉल को पांच माह के लिए सील कर दिया। इस बीच दुुकानदारों का सामान दुकानों में रखे-रखे ही खराब हो गया। एक-एक दुकानदार को लाखों का नुकसान हुआ। बिल्डर की गलती का खामियाजा दुकानदार भुगत रहे हैं।
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नहीं सुन रही पुलिस:
दुकानदार अमित ने बताया कि समस्या को लेकर वह पुलिस कमिश्नर से मिलने गए थे। उन्होंने एसीपी सदर के पास भेज दिया। एसीपी सदर अमन यादव ने उन्हें सदर थाना भेज दिया। यहां थाना पुलिस ने अभी तक इनकी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया है। अमित का आरोप है कि पुलिस ने उल्टा उन्हीं से दुकानों के कागजात व अन्य दस्तावेज मांग लिए हैं। बिल्डर के पास इंश्योरेंस व फायर की एनओसी तक नहीं है। इसे लेकर बिल्डर को नोटिस तक नहीं दिया गया है। दुकानदारों का कहना है कि पुलिस व अन्य विभाग बिल्डर पर दबाव के चलते कार्रवाई नहीं कर रहे।
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मॉल में एक दुकान के मालिक डॉ. वानी ने बताया कि यहां 200 से अधिक दुकानें हैं। दस साल पहले लोगों ने यहां सात हजार रुपये वर्ग फीट के हिसाब से दुुकानें खरीदीं थीं। प्रत्येक दुकानदार 20 रुपये प्रति वर्ग फीट के हिसाब से मेंटेनेंस चार्ज बिल्डर को देता है। इस हिसाब से उसके पास 65 लाख से ज्यादा का शुल्क जमा हो जाता है। लेकिन रखरखाव के नाम पर यहां दस लाख रुपये भी नहीं लगाए जा रहे हैं। मॉल में कई माह से लिफ्ट व एक्सेलेटर बंद पड़े हैं। तापमान अधिक रहता है। स्ट्रीट डॉग खुलेआम घूमते हैं। वहीं, बेसमेंट में जलभराव की समस्या से सीलन हो रही है। मॉल में एक लाख वर्ग फीट से ज्यादा का ऐसा क्षेत्र है जिसका खर्च तो दुकानदारों से वसूला जा रहा है, लेकिन मुनाफा बिल्डर कमा रहा है।
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दुकानें बेचने पर मजबूर
प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों सुनील, कमलेश और राकेश ने बताया कि यहां इतनी महंगी दुकानें खरीदने के बाद भी वह अब इन्हें आधे दामों में बेचने को मजबूर हैं। इसका कारण यह है कि असुविधाओं के चलते मॉल में लोगों ने आना बंद कर दिया है। इससे उनका व्यापार ठप हो रहा है। इस साल अप्रैल माह में यहां का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट न चलने की वजह से प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने मॉल को पांच माह के लिए सील कर दिया। इस बीच दुुकानदारों का सामान दुकानों में रखे-रखे ही खराब हो गया। एक-एक दुकानदार को लाखों का नुकसान हुआ। बिल्डर की गलती का खामियाजा दुकानदार भुगत रहे हैं।
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नहीं सुन रही पुलिस:
दुकानदार अमित ने बताया कि समस्या को लेकर वह पुलिस कमिश्नर से मिलने गए थे। उन्होंने एसीपी सदर के पास भेज दिया। एसीपी सदर अमन यादव ने उन्हें सदर थाना भेज दिया। यहां थाना पुलिस ने अभी तक इनकी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया है। अमित का आरोप है कि पुलिस ने उल्टा उन्हीं से दुकानों के कागजात व अन्य दस्तावेज मांग लिए हैं। बिल्डर के पास इंश्योरेंस व फायर की एनओसी तक नहीं है। इसे लेकर बिल्डर को नोटिस तक नहीं दिया गया है। दुकानदारों का कहना है कि पुलिस व अन्य विभाग बिल्डर पर दबाव के चलते कार्रवाई नहीं कर रहे।