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सारे होम्स सोसाइटी में मूलभूत सुविधाओं के लिए किया प्रदर्शन
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गुरुग्राम। सेक्टर-92 स्थित सारे होम्स सोसाइटी में मूलभूत सुविधाओं के न मिलने से परेशान लोगों ने रविवार को प्रदर्शन किया। सोसाइटी के कुछ लोगों द्वारा खुद से ही आरडब्ल्यूए बनाकर काम न करने का आरोप लगाया। वहीं, मामले में ठीक से सुनवाई न करने के लिए विभागों को दोषी बताया।
48 एकड़ में फैली सारे होम्स सोसाइटी में पांच जोन हैं। यहां कुल 3000 हजार फ्लैट्स में से 1000 फ्लैट्स में परिवार रह रहे हैं। फेज तीन में टावर रिप्रजेेंटेटिव सुरेश शर्मा ने बताया कि पूरी सोसाइटी में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति नहीं है। बिजली का तंत्र भी अधूरा है। रोजाना तीन से चार घंटे की कटौती हो रही है। सोसाइटी पर करीब 40 लाख रुपये तक का बिजली बिल बकाया है, जिससे बिजली कटने का खतरा बना हुआ है। वहीं, रखरखाव के सारे काम रुके हुए हैं। मेन गेट अभी तक नहीं बनाया गया। बाउंड्रीवाल के न होने से भी यहां के लोगों के लिए असुरक्षा बनी हुई है। क्लब हाउस भी नहीं बनाया गया है।
समस्याओं को लेकर एक साल पहले हरेरा, एनसीएलटी में बिल्डर की शिकायत की थी। इसके बाद एनसीएलटी ने कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया, और यहां के लिए आईआरपी की नियुक्ति कर दी। इसके बाद जिम्मेदारी संभालने वाली आरडब्लयू भी समस्याओं को दूर नहीं करा पाई है। आरोप है कि आरडब्ल्यू का गठन कुछ लोगों ने ही अपनी मनमर्जी से कर लिया है।
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एसटीपी प्लांट से निकल रहा गंदा पानी
सोसाइटी में बने एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) ने अब काम करना बिल्कुल बंद कर दिया है। इससे अब गंदा पानी ही बाहर निकल रहा है। जिससे पूरे इलाके में बदबू फैलने के साथ बीमारी का खतरा बना हुआ है। एक साल पहले प्लांट को सही से न चलाने पर एनजीटी की ओर से बिल्डर पर 1.6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद इसका दायित्व आरडब्ल्यू के पास आया था। आरडब्ल्यूए की लापरवाही के बाद तो यह बिल्कुल ठप ही हो गया है। हालांकि, इसका सर्विस चार्ज अभी भी लोगों से लिया जा रहा है।
आरडब्ल्यूए सदस्य कर रहे मनमर्जी
निवासियों का आरोप है कि आरडब्ल्यू सदस्य इलाके में सुविधाओं से लेकर सिक्योरिटी के लिए अपनी मनमर्जी से कंपनियों से संपर्क करते हैं। इससे पारदर्शिता खत्म हो गई है, लोगों के पैसे को निजी हितों में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी शिकायत डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार कार्यालय में की गई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा सोसाइटी में जमीन अधिग्रहण के एक मामले की शिकायत डीटीपीई से की गई थी। उन्होंने भी कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शन में सोसाइटी के रितेश, अभिजीत, अलोक वर्मा, मुकेश रंजन, सचिन तनेजा और राजा प्रभाकर आदि सहित करीब 100 लोग मौजूद रहे।
सोसाइटी के टावर 6 से लेकर 14 तक में कुछ लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, बिजली का बिल भी नहीं देते, आरडब्ल्यूए मुख्यत: टावर एक से पांच के लिए है। अन्य में तो शुल्क लेकर मानवता के आधार पर सुविधाएं दी जा रही हैं।
- आदित्य जाखड़, अध्यक्ष, सारे होम्स सोसाइटी
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48 एकड़ में फैली सारे होम्स सोसाइटी में पांच जोन हैं। यहां कुल 3000 हजार फ्लैट्स में से 1000 फ्लैट्स में परिवार रह रहे हैं। फेज तीन में टावर रिप्रजेेंटेटिव सुरेश शर्मा ने बताया कि पूरी सोसाइटी में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति नहीं है। बिजली का तंत्र भी अधूरा है। रोजाना तीन से चार घंटे की कटौती हो रही है। सोसाइटी पर करीब 40 लाख रुपये तक का बिजली बिल बकाया है, जिससे बिजली कटने का खतरा बना हुआ है। वहीं, रखरखाव के सारे काम रुके हुए हैं। मेन गेट अभी तक नहीं बनाया गया। बाउंड्रीवाल के न होने से भी यहां के लोगों के लिए असुरक्षा बनी हुई है। क्लब हाउस भी नहीं बनाया गया है।
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समस्याओं को लेकर एक साल पहले हरेरा, एनसीएलटी में बिल्डर की शिकायत की थी। इसके बाद एनसीएलटी ने कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया, और यहां के लिए आईआरपी की नियुक्ति कर दी। इसके बाद जिम्मेदारी संभालने वाली आरडब्लयू भी समस्याओं को दूर नहीं करा पाई है। आरोप है कि आरडब्ल्यू का गठन कुछ लोगों ने ही अपनी मनमर्जी से कर लिया है।
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एसटीपी प्लांट से निकल रहा गंदा पानी
सोसाइटी में बने एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) ने अब काम करना बिल्कुल बंद कर दिया है। इससे अब गंदा पानी ही बाहर निकल रहा है। जिससे पूरे इलाके में बदबू फैलने के साथ बीमारी का खतरा बना हुआ है। एक साल पहले प्लांट को सही से न चलाने पर एनजीटी की ओर से बिल्डर पर 1.6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद इसका दायित्व आरडब्ल्यू के पास आया था। आरडब्ल्यूए की लापरवाही के बाद तो यह बिल्कुल ठप ही हो गया है। हालांकि, इसका सर्विस चार्ज अभी भी लोगों से लिया जा रहा है।
आरडब्ल्यूए सदस्य कर रहे मनमर्जी
निवासियों का आरोप है कि आरडब्ल्यू सदस्य इलाके में सुविधाओं से लेकर सिक्योरिटी के लिए अपनी मनमर्जी से कंपनियों से संपर्क करते हैं। इससे पारदर्शिता खत्म हो गई है, लोगों के पैसे को निजी हितों में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी शिकायत डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार कार्यालय में की गई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा सोसाइटी में जमीन अधिग्रहण के एक मामले की शिकायत डीटीपीई से की गई थी। उन्होंने भी कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शन में सोसाइटी के रितेश, अभिजीत, अलोक वर्मा, मुकेश रंजन, सचिन तनेजा और राजा प्रभाकर आदि सहित करीब 100 लोग मौजूद रहे।
सोसाइटी के टावर 6 से लेकर 14 तक में कुछ लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, बिजली का बिल भी नहीं देते, आरडब्ल्यूए मुख्यत: टावर एक से पांच के लिए है। अन्य में तो शुल्क लेकर मानवता के आधार पर सुविधाएं दी जा रही हैं।
- आदित्य जाखड़, अध्यक्ष, सारे होम्स सोसाइटी