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Gurugram News: बयान से पलटी मां लेकिन विसरा में सल्फास की पुष्टि
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पांच माह के बेटे को जहर देने के आरोपी पिता को जमानत नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पांच माह के बच्चे को जहर देकर मारने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी पिता की दूसरी बार भी जमानत याचिका खारिज कर दी। जिला सत्र एवं न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने कहा कि जिरह के दौरान शिकायतकर्ता (मां) के रुख में बदलाव के बावजूद उसके मुख्य बयान में यह तथ्य सामने आया है कि घटना वाले दिन आरोपी बच्चे को अपने साथ लेकर गया था। बच्चे के विसरा में एल्यूमीनियम फॉस्फाइड (सल्फास) मिलने की पुष्टि हुई है। इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।
बच्चे की मां की शिकायत पर बिलासपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच और एफएसएल रिपोर्ट में बच्चे के विसरा में सल्फॉस की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी को एक जून को गिरफ्तार किया था। बचाव पक्ष ने दलील दी कि 17 अक्तूबर को जिरह के दौरान बच्चे की मां अपने पहले के बयान से पलट गई और उसने आरोपी को जहर देते हुए देखने से इन्कार किया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि एफएसएल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि हुई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत देने से इन्कार कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पांच माह के बच्चे को जहर देकर मारने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी पिता की दूसरी बार भी जमानत याचिका खारिज कर दी। जिला सत्र एवं न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने कहा कि जिरह के दौरान शिकायतकर्ता (मां) के रुख में बदलाव के बावजूद उसके मुख्य बयान में यह तथ्य सामने आया है कि घटना वाले दिन आरोपी बच्चे को अपने साथ लेकर गया था। बच्चे के विसरा में एल्यूमीनियम फॉस्फाइड (सल्फास) मिलने की पुष्टि हुई है। इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।
बच्चे की मां की शिकायत पर बिलासपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच और एफएसएल रिपोर्ट में बच्चे के विसरा में सल्फॉस की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी को एक जून को गिरफ्तार किया था। बचाव पक्ष ने दलील दी कि 17 अक्तूबर को जिरह के दौरान बच्चे की मां अपने पहले के बयान से पलट गई और उसने आरोपी को जहर देते हुए देखने से इन्कार किया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि एफएसएल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि हुई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत देने से इन्कार कर दिया।
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