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Gurugram News: मोबिलाइजर मित्रा को नहीं मिला एक वर्ष से मानदेय

Sun, 18 May 2025 12:25 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 18 May 2025 12:25 AM IST
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Mobilizer Mitra has not received honorarium for one year
100 मोबिलाइजर मित्रा सहित 20 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर ने पांच वर्ष तक एनजीओ के तहत किया कार्य
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गुरुदत्त भारद्वाज

पुन्हाना। जिले में टीकाकरण के कार्यक्रमों में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले तकरीबन 120 मोबिलाइजर मित्रा को एक वर्ष से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे मोबिलाइजर मित्रा विभाग की अनदेखी से परेशान हैं। हालांकि, मानदेय को लेकर पिछले दिनों ये मोबिलाइजर मित्रा न केवल जिला उपायुक्त के सामने अपनी परेशानी रख चुके हैं बल्कि सीएम को भी शिकायत भेजकर अवगत करा चुके हैं। मोबिलाइजरों का कहना है कि मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके सामने भीख मांगने की नौबत आ चुकी है। इसकी शिकायत एक बार फिर से सीएम विंडो की पोर्टल पर मानदेय देने की गुहार लगाई है।

जिले में बच्चों व गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष 2020 में एक नोटिफिकेशन जारी कर 100 मोबिलाइजर को साक्षात्कार के बाद नियुक्त किया गया था। इसके अलावा 20 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर की भी नियुक्ति की गई थी, जो ऐसे मोबिलाइजर के कार्यों पर नजर रखे। एनएचएम का 5 वर्ष का ये प्रोजेक्ट एनजीओ द्वारा चलाया गया था, जिसने स्वास्थ्य विभाग के अधीन काम किया। सीएमओ नूंह व जिला टीकाकरण अधिकारी की देखरेख में मोबिलाइजर मित्रा ने गांव-गांव जाकर न केवल लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूकता का काम किया बल्कि जिले में टीकाकरण प्रतिशत में वृद्धि का काम किया। आशा व एएनएम के साथ घर-घर जाकर लोगों को टीकाकरण के लाभ बताने के साथ-साथ गांव के मौजिज लोगों व उलेमाओं के साथ बैठक कर टीकाकरण के प्रति लोगों में जागरूकता लाई गई।
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अप्रैल 2024 से नहीं मिला मानदेय

टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाने वाले मोबिलाइजर मित्रा का कहना है कि उन्हें अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक का वेतन नहीं दिया गया है। वेतन को लेकर जिला उपायुक्त सहित नूंह के विधायक आफताब अहमद से भी मिले लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। वेतन नहीं मिलने के कारण वो मानसिक तनाव झेल रहे हैं। पांच वर्ष का कार्यक्रम पूरा होने के बाद एक तो वो बेरोजगार हो गए हैं तो वहीं एक वर्ष का वेतन नहीं मिलने के कारण वह आर्थिक रूप से भी परेशान हैं।
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एनजीओ के तहत काम करने वाले मोबिलाइजर मित्रा के मानदेय को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। पिछले दिनों मोबाइल मित्रा मानदेय को लेकर जिला उपायुक्त से भी मिले । मानदेय को जल्द से जल्द दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि नए बजट में सभी मोबाइल मित्रा को मानदेय मिल जाए। - डॉ. सरबजीत थापर, सिविल सर्जन नूंह
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